त्रंबकेश्वर महादेव मंदिर में गूंजे “बम-बम भोले”, शिव-पार्वती विवाह प्रसंग पर झूमे श्रद्धालु
थत्यूड़ में शिव महापुराण कथा के छठवें दिन निकली दिव्य शिव बारात, भूत-पिशाच से लेकर देवताओं की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र

रिपोर्ट –मुकेश रावत
थत्यूड़। विकासखंड मुख्यालय थत्यूड़ बाजार स्थित प्राचीन त्रंबकेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित शिव महापुराण कथा के छठवें दिन शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का भव्य आयोजन किया गया। कथा स्थल पर भगवान शिव की दिव्य बारात और आकर्षक झांकियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शिव भक्तों ने “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयकारों के बीच जमकर नृत्य किया।
कथा व्यास पंडित मनजीत कृष्ण शास्त्री ममगांई ने कहा कि जिस प्रकार श्रीमद्भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण जन्म का विशेष महत्व है, उसी प्रकार शिव महापुराण में शिव-पार्वती विवाह प्रसंग अत्यंत पावन और महत्वपूर्ण माना जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की बारात संसार का सबसे अद्भुत और अविस्मरणीय विवाह था, जिसमें ब्रह्मा, विष्णु, महेश सहित देवी-देवताओं के साथ शिवगण, भूत-प्रेत और पिशाच भी सम्मिलित हुए थे।
उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के त्रिजुगीनारायण में संपन्न हुआ यह दिव्य विवाह आज भी आस्था का केंद्र बना हुआ है, जहां विवाह की अखंड ज्योति युगों से निरंतर प्रज्वलित है।
शिव बारात की झांकी के दौरान भजनों की धुन पर देर तक झूमते रहे। मंदिर परिसर पूरी तरह शिवमय वातावरण में डूबा नजर आया।
इस अवसर पर यजमान राजेंद्र सजवान, रघुवीर सजवान, भाजपा जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र राणा, व्यापार मंडल अध्यक्ष अकवीर पंवार, पत्रकार रमेश लेखवार, दिनेश रावत, पृथ्वी रावत, दीपेंद्र रावत, प्रधान सरस्वती रावत, सरिता देवी एवं पंडित राजेश खंडूरी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।



