विश्व जनसंख्या दिवस पर उखीमठ में विधिक जागरूकता शिविर, नुक्कड़ नाटक से दिया जनसंख्या नियंत्रण और अधिकारों का संदेश
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल—महिलाओं के स्वास्थ्य, मातृत्व अधिकार और पर्यावरण संरक्षण पर किया जागरूक, 30 दिवसीय अभियान के तहत सचिव पायल सिंह ने किया पौधारोपण।

रुद्रप्रयाग। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शनिवार को विकासखंड सभागार, उखीमठ में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में बढ़ती जनसंख्या से उत्पन्न चुनौतियों, महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षित मातृत्व और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर लोगों को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पायल सिंह ने की। उन्होंने कहा कि अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि का सीधा प्रभाव भोजन, स्वच्छ पेयजल, आवास, स्वास्थ्य सेवाओं और प्राकृतिक संसाधनों पर पड़ता है। ऐसे में समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह जनसंख्या नियंत्रण और परिवार कल्याण के प्रति जागरूक बने।
उन्होंने महिलाओं के प्रजनन अधिकार, मातृत्व लाभ, स्वास्थ्य संबंधी कानूनी प्रावधानों और सरकारी सुविधाओं की जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्येक महिला को सुरक्षित मातृत्व और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकार प्राप्त है।
शिविर के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLVs) ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर जनसंख्या वृद्धि से जुड़ी सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को प्रभावशाली ढंग से लोगों के सामने रखा। नाटक के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवार नियोजन और संसाधनों के संतुलित उपयोग का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के समापन पर पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जा रहे 30 दिवसीय वृक्षारोपण अभियान के तहत सचिव पायल सिंह ने पौधारोपण किया। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील करते हुए कहा कि हरित पर्यावरण आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है।



