देहरादून महायोजना-2041 पर जनता की मुहर, एमडीडीए के जनसंवाद में उमड़े लोग; विकास के लिए दिए अहम सुझाव
सेक्टर-05 की जनसुनवाई में सड़क, ट्रैफिक, हरित क्षेत्र और भू-उपयोग पर खुलकर रखी राय, 21 जुलाई तक सभी 12 सेक्टरों में चलेगा अभियान

देहरादून। राजधानी के सुनियोजित विकास की दिशा तय करने वाली देहरादून महायोजना-2041 को जनभागीदारी के आधार पर अंतिम रूप देने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) का जनसंवाद अभियान लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। शुक्रवार को आयोजित सेक्टर-05 की जनसुनवाई में नागरिकों, भू-स्वामियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न हितधारकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तथा शहर के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराईं।
जनसुनवाई के दौरान सड़क नेटवर्क, यातायात प्रबंधन, भू-उपयोग, हरित क्षेत्रों के संरक्षण, सार्वजनिक सुविधाओं तथा आवासीय एवं व्यावसायिक विकास जैसे अहम मुद्दों पर लोगों ने अपनी राय रखी। एमडीडीए अधिकारियों ने सभी सुझावों का विस्तार से अभिलेखीकरण करते हुए भरोसा दिलाया कि प्रत्येक बिंदु का तकनीकी और विधिक परीक्षण कराया जाएगा।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून महायोजना-2041 केवल भूमि उपयोग का दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों के सुनियोजित, संतुलित और टिकाऊ विकास का विजन डॉक्यूमेंट है। उन्होंने कहा कि जनता की भागीदारी से योजना अधिक व्यावहारिक और जनहितकारी बनेगी।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि जनसुनवाई पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की जा रही है और प्राप्त प्रत्येक सुझाव पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
प्राधिकरण के अनुसार 6 से 21 जुलाई तक सभी 12 सेक्टरों में जनसुनवाई शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान के अगले चरण में सोमवार को लक्सूरिया फार्म, किशनपुर में सेक्टर-06 के नागरिकों के लिए जनसुनवाई होगी। एमडीडीए ने अधिक से अधिक लोगों से भागीदारी कर देहरादून के भविष्य को आकार देने में सहयोग की अपील की है।



