टिहरी गढ़वाल

जनप्रतिनिधियों ने मुख्य सचिव के सामने उठाए जनसरोकार, विकास कार्यों और समस्याओं पर हुआ मंथन

नई टिहरी में उच्चस्तरीय बैठक; पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और पर्यटन विकास से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों को दिए निर्देश

टिहरी गढ़वाल। जनपद की विकास योजनाओं और जनसमस्याओं को लेकर शुक्रवार को नई टिहरी स्थित जिला कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अधिकारियों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और विकास संबंधी आवश्यकताओं को प्रमुखता से रखा।

मुख्य सचिव ने कहा कि स्थानीय स्तर पर हल होने वाले मामलों का निस्तारण जिला स्तर पर ही प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि आम जनता को त्वरित राहत मिल सके। उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय ने क्षेत्रीय असमानताओं और आरक्षित क्षेत्र विस्तार का मुद्दा उठाया। वहीं विधायक धनोल्टी प्रीतम सिंह पंवार और घनसाली विधायक शक्ति लाल शाह ने आपदा प्रबंधन को लेकर संसाधनों और उपकरणों की अग्रिम उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।

देवप्रयाग विधायक विनोद कण्डारी ने पेयजल व्यवस्था और पर्यटन विकास से जुड़ी रोपवे परियोजनाओं को शीघ्र गति देने का मुद्दा रखा। दर्जाधारी मंत्री जोत सिंह बिष्ट ने नदी तटीय क्षेत्रों में वैकल्पिक आवागमन व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता बताई, जबकि दर्जाधारी मंत्री विनोद सुयाल ने यात्रा सीजन में देवप्रयाग-ऋषिकेश मार्ग पर बढ़ते दबाव और यातायात प्रबंधन की चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया।

बैठक के दौरान नई टिहरी नगर पालिका अध्यक्ष मोहन सिंह रावत ने विस्थापित नई टिहरी शहर की समस्याओं से जुड़ा ज्ञापन मुख्य सचिव को सौंपा। बीकेटीसी सदस्य दिनेश डोभाल ने घनसाली नगर पंचायत की भूमि नियमितीकरण और चारधाम यात्रियों को नई टिहरी से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाने की मांग रखी।

नगर निकाय प्रतिनिधियों ने पार्किंग विस्तार, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, सड़क निर्माण और वन्यजीवों के बढ़ते हमलों जैसी समस्याओं को भी प्रमुखता से रखा। इस पर मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि विकास केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और समाज के बीच सतत संवाद, समन्वय और जवाबदेही भी आवश्यक है।

बैठक में जनपद के विभिन्न नगर निकायों के अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख, जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!