अब स्कूलों में नहीं चलेगी लापरवाही! मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन का बड़ा एक्शन, मिड-डे मील का होगा सोशल ऑडिट
जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश— जिस दिन किसी स्कूल में भोजन नहीं बनेगा, उसकी वजह सीधे राज्य स्तर पर होगी मॉनिटर। 100% विद्युतीकरण, बालिकाओं के शौचालय, हेल्थ चेकअप और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष जोर।

देहरादून, 21 जुलाई। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को सभी जिलाधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में शिक्षा व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया। पीएम पोषण योजना और समग्र शिक्षा की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी स्कूलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि मिड-डे मील (PM Poshan) का सोशल ऑडिट कराया जाए और इसकी रियल टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। यदि किसी भी स्कूल में किसी दिन भोजन नहीं बनता है तो उसका कारण तत्काल राज्य स्तर पर दर्ज किया जाए और संबंधित जिलाधिकारी व सीडीओ को तुरंत सूचना देकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लर्निंग आउटकम, आधारभूत सुविधाओं, नामांकन बढ़ाने और वोकेशनल ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव ने स्कूलों में 100 प्रतिशत हेल्थ चेकअप, बालिकाओं के लिए स्वच्छ शौचालय, 100 प्रतिशत विद्युतीकरण तथा जिन विद्यालयों में बिजली नहीं है, वहां सोलर ऊर्जा के माध्यम से बिजली उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव शैलेश बगौली, चंद्रेश कुमार यादव, युगल किशोर पंत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



