उत्तराखंड ताज़ा

विश्व पर्यावरण दिवस पर एमडीडीए का बड़ा अभियान, 300 पौधे रोपकर दिया हरित दून का संदेश

मुख्यमंत्री धामी के 'हरित उत्तराखंड-स्वच्छ उत्तराखंड' विजन को गति, सहस्त्रधारा रोड पर विकसित होगा नया ग्रीन पार्क

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की “हरित उत्तराखंड-स्वच्छ उत्तराखंड” की परिकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एमडीडीए ने राजधानी देहरादून में वृहद पौधारोपण अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का मजबूत संदेश दिया।

सहस्त्रधारा रोड स्थित रायपुर विधानसभा क्षेत्र के युवा कल्याण कार्यालय और नालापानी रोड के समीप नदी किनारे खाली भूमि पर लगभग 300 पौधों का रोपण किया गया। अभियान के तहत फलदार, छायादार और औषधीय प्रजातियों के पौधे लगाए गए, जिससे आने वाले समय में क्षेत्र को हरित स्वरूप मिल सके।

कार्यक्रम में एमडीडीए के अधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। विशेष रूप से 127 इन्फैंट्री बटालियन (टेरिटोरियल आर्मी) गढ़वाल राइफल्स के अधिकारी, जेसीओ और जवान, जिन्हें ‘गढ़वाल ग्रीनर्स’ के नाम से जाना जाता है, अभियान का हिस्सा बने।

एमडीडीए अब केवल शहरी विकास और भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि राजधानी के पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने के लिए भी ठोस पहल कर रहा है। प्राधिकरण क्षेत्र में नए हरित पार्क विकसित किए जा रहे हैं, वहीं शहर के प्रमुख मार्गों के डिवाइडरों पर फूलदार और सजावटी पौधे लगाए जा रहे हैं। इससे न केवल दून की सुंदरता बढ़ रही है, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और हरित आवरण विस्तार में भी मदद मिल रही है।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि सतत जनभागीदारी का अभियान है। उन्होंने कहा कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा ताकि भविष्य में ये पौधे घने वृक्षों का रूप ले सकें। उन्होंने बताया कि पौधारोपण स्थल को आगे चलकर विकसित ग्रीन पार्क के रूप में तैयार किया जाएगा।

वहीं, एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण तभी सफल होगा जब इसमें समाज की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण आने वाले समय में और अधिक हरित परियोजनाओं को विकसित करेगा, जिससे दून घाटी का पर्यावरणीय संतुलन और मजबूत हो सके।

विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस अभियान ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि स्वच्छ, सुंदर और हरित भविष्य के लिए केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि पौधों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी निभाए, तो आने वाली पीढ़ियों को बेहतर और सुरक्षित पर्यावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!