बनाली इंटर कॉलेज में हरेला पर गूंजा हरियाली का संदेश, पौधारोपण के साथ वनाग्नि रोकने का लिया संकल्प
निबंध और कला प्रतियोगिता में विजेता छात्र-छात्राएं सम्मानित, जनप्रतिनिधियों को भी सामाजिक योगदान के लिए किया गया सम्मानित

टिहरी गढ़वाल। हरेला पर्व के अवसर पर सकलाना रेंज के सोंग बीट अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज बनाली में शनिवार को वन विभाग की ओर से जन-जागरूकता, पौधारोपण एवं वन अग्नि सुरक्षा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वनों को आग से बचाने और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में ग्राम प्रधान बनाली उर्मिला देवी मुख्य अतिथि तथा पूर्व वन पंचायत सरपंच विजेंद्र सिंह मनवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वन विभाग की ओर से अनुभाग अधिकारी पूर्णानंद सेमल्टी और वन बीट अधिकारी शुभम लेखवार ने कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि, पूर्व सरपंच सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को सामाजिक क्षेत्र में उनके योगदान और वन एवं पर्यावरण संरक्षण में सहयोग के लिए सम्मानित किया गया।
प्रतियोगिताओं में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
विद्यालय में विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से निबंध और कला प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के समापन पर सीनियर और जूनियर वर्ग में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
वनाग्नि रोकना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ग्राम प्रधान उर्मिला देवी और पूर्व वन पंचायत सरपंच विजेंद्र सिंह मनवाल ने ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों से हरेला पर्व पर अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जंगलों को आग से बचाना, वन्यजीवों का संरक्षण करना और पर्यावरण को सुरक्षित रखना किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।
पर्यावरण संरक्षण का लिया सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम के अंत में जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा एवं वनाग्नि की रोकथाम के लिए सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के प्रधानाचार्य ए.के. मुयाल, शिक्षकगण और स्थानीय ग्रामीणों का विशेष सहयोग रहा।



