केदारनाथ-बद्रीनाथ मास्टर प्लान की मुख्य सचिव ने की समीक्षा, यात्रा सीजन बाद तेज होंगे पुनर्निर्माण कार्य
सेंट्रल स्ट्रीट की छह इमारतों को टॉप मोस्ट प्रायोरिटी, फ्रैजाइल और एवलॉन्च प्रोन क्षेत्रों में निर्माण पर रोक के निर्देश

देहरादून, 24 सितंबर। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम मास्टर प्लान के तहत चल रहे निर्माण एवं पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा के भीतर योजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए।
केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने सेंट्रल स्ट्रीट की छह बिल्डिंग्स को टॉप मोस्ट प्रायोरिटी पर रखते हुए यात्रा सीजन समाप्त होने के बाद इनका कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित स्टेकहोल्डर्स के साथ आवश्यक एग्रीमेंट की प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा, ताकि निर्माण कार्य शुरू करने में किसी तरह की देरी न हो।
मुख्य सचिव ने संस्कृति मंत्रालय की ओर से कराए जा रहे विभिन्न कार्यों की भी जानकारी ली। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्माण कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग करने और समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर किसी भी तरह के निर्माण की अनुमति नहीं देने के निर्देश भी दिए। इसके लिए तत्काल शासनादेश जारी करने को कहा गया। मुख्य सचिव ने विशेष रूप से फ्रैजाइल और एवलॉन्च प्रोन क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
वहीं, बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के फेज-1 और फेज-2 के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। बैठक में निर्माणाधीन अस्पताल की प्रगति की जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि अस्पताल को लगभग 15 दिनों में शुरू करने की योजना है। मुख्य सचिव ने अस्पताल संचालन से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, एपीसीसीएफ डॉ. विवेक पाण्डेय, सुरेन्द्र मेहरा, सीसीएफ प्रसन्ना कुमार पात्रो, अपर सचिव विनीत कुमार, हिमांशु खुराना, अभिषेक रोहिला सहित संबंधित जिलों के जिलाधिकारी मौजूद रहे।



