एमपीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव होल्ड होने पर रातभर धरना, दो नेता अनशन पर
एनएसयूआई, जौनपुर व मसूरी छात्र संगठनों का संयुक्त आंदोलन; निष्पक्ष और नियमानुसार चुनाव कराने की मांग

रिपोर्टर—सुनील सोनकर
मसूरी। एमपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव प्रक्रिया होल्ड किए जाने के बाद छात्र राजनीति गरमा गई है। चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग को लेकर एनएसयूआई, जौनपुर छात्र संगठन और मसूरी छात्र संगठन से जुड़े छात्र नेताओं ने शुक्रवार देर रात कॉलेज के सभागार में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। वहीं एनएसयूआई के वरिष्ठ नेता जगपाल गोसाईं और शहर अध्यक्ष दक्ष पवार अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए।
आंदोलनकारी छात्र नेताओं ने कहा कि कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव निष्पक्ष और निर्धारित नियमों के तहत कराए जाने चाहिए। उनका कहना है कि जब तक चुनाव प्रक्रिया दोबारा शुरू नहीं की जाती, तब तक धरना और अनशन जारी रहेगा।
छात्र नेताओं ने कॉलेज प्रशासन और स्थानीय प्रशासन पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों को लेकर कॉलेज प्रशासन और प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
आंदोलनकारियों के अनुसार, नामांकन पत्रों की जांच के दौरान लिंगदोह समिति की सिफारिशों और निर्धारित नियमों के आधार पर एबीवीपी के तीन प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त किए गए थे। इसके बाद संबंधित पदों पर एक-एक प्रत्याशी ही मैदान में रह गया था। छात्र नेताओं का कहना है कि ऐसी स्थिति में चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बजाय उसे होल्ड किए जाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
छात्र नेताओं ने प्राचार्य डा. सुनील पंवार और एसडीएम राहुल आनंद, जो कॉलेज के प्रशासक भी हैं, से लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुरूप छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग की है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर मामले को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात भी छात्र नेताओं ने कही है।
देर रात तक एमपीजी कॉलेज परिसर में छात्र नेताओं और समर्थकों का धरना जारी रहा। पूरे मामले को लेकर कॉलेज प्रशासन के अगले कदम पर छात्रों की नजर बनी हुई है।



