उत्तराखंड सहकारिता चुनाव में भाजपा का जलवा, 98% समितियों पर कब्जा।
जौनपुर मगरा और लंढौर समिति में भाजपा समर्थित पैनल ने रचा इतिहास

देहरादून। उत्तराखंड में सहकारी समितियों के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए प्रदेश की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ का एक बार फिर एहसास कराया है। शनिवार को सम्पन्न हुए चुनावों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने 98 प्रतिशत समितियों पर जीत दर्ज कर विपक्ष को बड़ा झटका दिया।
प्रदेशभर की 39 सहकारी समितियों में से 38 में चुनाव सम्पन्न हुए, जिनमें भाजपा समर्थित उम्मीदवारों का स्पष्ट दबदबा देखने को मिला। खास बात यह रही कि टिहरी की जौनपुर मगरा सहकारी क्रय-विक्रय समिति और हरिद्वार की लंढौर समिति में 68 वर्षों बाद पहली बार पूरी कार्यकारिणी निर्विरोध निर्वाचित हुई। इसे भाजपा की बड़ी संगठनात्मक सफलता माना जा रहा है।
चुनाव परिणामों के अनुसार संचालक मंडल के लिए कुल 348 प्रतिनिधि निर्वाचित हुए, जिनमें 136 महिलाएं और 212 पुरुष शामिल हैं। वहीं अध्यक्ष पद पर 37 प्रतिनिधियों का चयन हुआ, जिनमें 16 महिलाएं हैं। उपाध्यक्ष पद के लिए 25 प्रतिनिधि चुने गए।
प्रदेश में ऊधमसिंह नगर सबसे आगे रहा, जहां सर्वाधिक 111 प्रतिनिधियों ने जीत दर्ज की। इसके अलावा नैनीताल, देहरादून, पौड़ी और हरिद्वार में भी भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने शानदार प्रदर्शन किया।
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इसे भाजपा सरकार की जनहितकारी नीतियों, संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को मजबूत करेगी।
बयान—–
“सहकारी समितियों के चुनावों में भाजपा की प्रचंड जीत कार्यकर्ताओं की मेहनत, संगठन की मजबूती और सरकार की जनहितकारी नीतियों का प्रतिफल है। सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को बधाई।”
— डाॅ. धन सिंह रावत, सहकारिता मंत्री, उत्तराखंड



