उत्तराखंड ताज़ा

समाज कल्याण योजनाओं में बड़ा बदलाव, लाभार्थियों को सीधा फायदा

मंत्री खजान दास की समीक्षा बैठक में कई अहम फैसले—आय सीमा बढ़ाने, नए ट्रेड शुरू करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

देहरादून। प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक करते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी संचालन को लेकर कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विभागीय कार्यों में समन्वय, पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे।

बैठक के दौरान मंत्री ने पेंशन योजनाओं में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की घोषणा करते हुए बताया कि विधवा एवं दिव्यांग पेंशन को 1500 रुपये से बढ़ाकर 1875 रुपये किया गया है। इसके अलावा बौना पेंशन और तीलू रौतेली पेंशन को 1200 से बढ़ाकर 1500 रुपये करने तथा दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान को 700 से बढ़ाकर 1000 रुपये करने के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।

मंत्री खजान दास ने छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा करते हुए सत्यापन प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या त्रुटि बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र छात्र योजना से वंचित न रहे।

शिक्षा और कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए मंत्री ने राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों और औद्योगिक आस्थानों में नए ट्रेड शुरू करने के साथ अनुभवी शिक्षकों और प्रशिक्षकों की नियुक्ति के निर्देश दिए। वहीं, डॉ. बीआर अंबेडकर अनुसूचित जाति छात्रावासों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 14 छात्रावास संचालित हो रहे हैं।

मंत्री ने मसूरी स्थित गर्ल्स इंटर कॉलेज के छात्रावास भवन के पुनर्निर्माण को तीन माह में पूरा करने और सितंबर 2026 तक उसके संचालन शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही, पेंशन और अन्य योजनाओं में आय सीमा को 4000 रुपये से बढ़ाकर 6000 रुपये करने का प्रस्ताव भी तैयार करने को कहा।

अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंत्री ने सहायता योजना की समयसीमा को वित्तीय वर्ष के बजाय 365 दिन (डेट टू डेट) करने के निर्देश दिए, जिससे अधिक लाभार्थी इसका फायदा उठा सकें।

बैठक में प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत आदर्श ग्राम योजना, अटल वयो अभ्युदय योजना और राष्ट्रीय वयोश्री योजना की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाले सहायक उपकरणों—छड़ी, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र और चश्मे—के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया।

इसके अलावा राज्य में संचालित वृद्धाश्रमों, एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत सहायता, परीक्षा पूर्व निशुल्क कोचिंग और एससी उपघटक योजना के तहत विकास कार्यों की भी समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

दिव्यांग कल्याण योजनाओं के तहत सभी 13 जनपदों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने और एससी-एसटी बाहुल्य क्षेत्रों को प्राथमिकता देने को कहा गया। मंत्री ने बहुउद्देशीय वित्त निगम द्वारा संचालित स्माइल परियोजना, शिल्पी ग्राम और नमस्ते योजना को ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर भी बल दिया।

बैठक में समाज कल्याण सचिव श्रीधर बाबू, अपर सचिव प्रकाश चंद्र, निदेशक संदीप तिवारी, जनजाति कल्याण निदेशक संजय टोलिया सहित सभी जनपदों के जिला समाज कल्याण अधिकारी मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!