सिंगल विंडो मामलों में देरी पर मुख्य सचिव सख्त, जिलाधिकारियों को दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश
143 (लैंड यूज चेंज) और 154 के लंबित मामलों पर जताई नाराजगी, कहा- तय समय सीमा में हों सभी स्वीकृतियां और क्लीयरेंस

देहरादून। प्रदेश में निवेश परियोजनाओं को गति देने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत बनाने के उद्देश्य से बुधवार को सचिवालय में राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति की 65वीं बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में निवेश से जुड़े विभिन्न नए प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने जनपद स्तर पर 143 (लैंड यूज चेंज) एवं 154 से संबंधित मामलों के निस्तारण में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि सिंगल विंडो प्रणाली के अंतर्गत लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि सिंगल विंडो के तहत मिलने वाली सभी स्वीकृतियों एवं क्लीयरेंस के लिए समय सीमा निर्धारित है और उसी अवधि के भीतर सभी प्रक्रियाएं पूरी होनी चाहिए। उन्होंने सचिव उद्योग को भी निर्देश दिए कि अनावश्यक देरी के मामलों में संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों के लिए पारदर्शी एवं त्वरित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रथम एवं द्वितीय चरण के सभी लंबित मामलों का जल्द से जल्द निस्तारण किया जाना आवश्यक है।
बैठक में सचिव विनय शंकर पाण्डेय, डॉ. वी. षणमुगम, सी. रविशंकर, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव सौरभ गहरवार समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



