थत्यूड

FAST KHABAR 24 की खबर का असर! थत्यूड़ के सुलभ शौचालय की व्यवस्थाएं सुधारने में जुटा विभाग लेकिन शरारती तत्वों पर कार्रवाई कब?

FAST KHABAR 24 की खबर का असर, विभाग ने शुरू कराया मरम्मत और व्यवस्थाओं में सुधार; व्यापार मंडल ने सीसीटीवी और प्रभावी निगरानी की उठाई मांग

रिपोर्ट–मुकेश रावत 

थत्यूड़। विकासखंड मुख्यालय थत्यूड़ के मुख्य बाजार स्थित सार्वजनिक सुलभ शौचालय की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर FAST KHABAR 24 द्वारा प्रमुखता से खबर प्रकाशित किए जाने के बाद आखिरकार प्रशासन और संबंधित विभाग हरकत में आया है। व्यापार मंडल की ओर से पूर्व में उठाई गई मांगों का संज्ञान लेते हुए विभागीय कर्मचारियों को मौके पर भेजकर शौचालय की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया गया है।

उद्योग व्यापार मंडल थत्यूड़ के अध्यक्ष अकबीर पंवार ने शौचालय का निरीक्षण कर मौके पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि पूर्व में शरारती तत्वों द्वारा शौचालय में कई बार तोड़फोड़ किए जाने से सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। फिलहाल क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। इसके साथ ही शौचालय में आवश्यक संकेतक बोर्ड लगाने और सफाई से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराने की मांग भी विभाग के समक्ष रखी गई है।

व्यापार मंडल अध्यक्ष ने कहा कि सार्वजनिक शौचालय केवल सरकारी संपत्ति नहीं, बल्कि आम जनता और स्थानीय व्यापारियों की भी साझा जिम्मेदारी है। इसकी स्वच्छता, सुरक्षा और बेहतर रखरखाव में सभी को अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों से अपील की कि सार्वजनिक सुविधा को नुकसान पहुंचाने के बजाय उसकी सुरक्षा और स्वच्छता में प्रशासन का सहयोग करें।

हालांकि व्यवस्थाओं में सुधार की शुरुआत के बीच एक बड़ा सवाल अभी भी बरकरार है—सरकारी संपत्ति में बार-बार तोड़फोड़ करने वाले शरारती तत्वों पर कार्रवाई आखिर कब होगी?

स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कर देने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। यदि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में फिर ऐसी घटनाएं सामने आ सकती हैं।

ऐसे में सार्वजनिक शौचालय की सुरक्षा के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है। स्थानीय लोगों ने शौचालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की है, ताकि तोड़फोड़ करने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान हो सके और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

FAST KHABAR 24 की खबर के बाद विभाग द्वारा तत्काल संज्ञान लेकर व्यवस्थाओं में सुधार की पहल निश्चित रूप से सकारात्मक कदम है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि मरम्मत और सफाई व्यवस्था के साथ-साथ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कब होती है।

सार्वजनिक सुविधा को सुरक्षित रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे में शौचालय की बदली तस्वीर को बरकरार रखने के लिए प्रशासनिक निगरानी के साथ स्थानीय लोगों की सहभागिता भी बेहद जरूरी होगी।

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