दूरस्थ टिहरी में नेटवर्क संकट पर सख्त हुई प्रशासन, बीएसएनएल को 30 अप्रैल तक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
डीएम नितिका खंडेलवाल ने कहा—गांव-गांव तक बेहतर कनेक्टिविटी जरूरी, लापरवाही बर्दाश्त नहीं

टिहरी गढ़वाल, 21 अप्रैल : जनपद के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की बदहाल स्थिति पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में कनेक्टिविटी समस्याओं की गहन समीक्षा की गई और बीएसएनएल को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि चिन्हित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर 30 अप्रैल 2026 तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
बैठक के दौरान डीएम ने विकासखंड भिलंगना के गंगी, पिनस्वाड़, सेमल्थ, गेवली, सेन्दुल, द्वारी, देवलंगी, मुयालगांव, गेंवाली और नैल बौंसला सहित कई गांवों में लगातार बनी नेटवर्क समस्या पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मजबूत जनसंचार व्यवस्था न केवल आमजन की सुविधा के लिए, बल्कि आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के सुचारू संचालन के लिए भी बेहद जरूरी है।
जिलाधिकारी ने बीएसएनएल अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में तकनीकी टीम भेजकर मौके पर स्थिति का आकलन करें और जहां जरूरत हो, वहां नए मोबाइल टावर स्थापित करने के प्रस्ताव तैयार करें। इन प्रस्तावों को आगामी बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नेटवर्क समस्याओं के समाधान के लिए सभी दूरसंचार कंपनियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को शीघ्र और प्रभावी संचार सुविधाएं मिल सकें। प्रशासन ने संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में विभिन्न ग्रामों के जनप्रतिनिधियों ने भी नेटवर्क की समस्या को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान ग्राम प्रधान सेन्दुल केमरा अमित जोशी, सेमल्थ के अमित गौड़, पिनस्वाड़ के दिनेश बिष्ट, द्वारी की अनुसूया देवी, नैल बौंसला की कुसुम नौटियाल सहित कई स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बीएसएनएल के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे, जबकि अन्य दूरसंचार कंपनियों के प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।



