उत्तराखंड के ब्लॉक प्रमुखों को CM धामी की बड़ी सौगात, क्षेत्र पंचायत निधि होगी फिर शुरू; मानदेय बढ़ाने पर भी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने प्रमुख संगठन सम्मेलन-2026 में कीं चार अहम घोषणाएं, क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों को मिलेगा अधिक अधिकार और संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर

देहरादून। उत्तराखंड के ब्लॉक प्रमुखों और क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चार महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। रविवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित उत्तराखंड प्रमुख संगठन सम्मेलन-2026 में मुख्यमंत्री ने क्षेत्र पंचायत निधि को दोबारा शुरू करने की कार्यवाही, प्रतिनिधियों के मानदेय और भत्तों में वृद्धि, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की विकासखंड स्तरीय समिति में ब्लॉक प्रमुखों को शामिल करने और ग्रामीण क्षेत्रों को नगरीय सीमा में शामिल करने से पहले संबंधित ग्राम पंचायत से विचार-विमर्श करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्लॉक प्रमुख और पंचायत प्रतिनिधि सरकार तथा जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को समझने और विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने में उनकी अहम भूमिका है। सरकार जनप्रतिनिधियों के सुझावों और मांगों पर संबंधित विभागों के साथ विचार-विमर्श कर सकारात्मक निर्णय लेगी।
क्षेत्र पंचायत निधि फिर शुरू करने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए उनके संसाधनों को मजबूत करना जरूरी है। इसी दिशा में क्षेत्र पंचायत निधि को पुनः प्रारंभ करने की कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय और भत्तों में वृद्धि के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की विकासखंड स्तरीय समिति में क्षेत्र पंचायत प्रमुख को शामिल किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों को नगरीय क्षेत्रों में सम्मिलित करने की प्रक्रिया में संबंधित ग्राम पंचायत से भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
स्थानीय निकायों को मजबूत करने के लिए 721 करोड़ रुपये की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है। छठे राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के अनुसार राज्य के कर राजस्व में स्थानीय निकायों की हिस्सेदारी 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इसके लिए अनुपूरक बजट में 721 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि पंचायत भवनों से वंचित ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से भवन निर्माण कराने का प्रयास किया जा रहा है। पंचायतों तक डिजिटल सुविधाओं का विस्तार और बुनियादी ढांचे का विकास भी ग्रामीण क्षेत्रों को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है।
गांवों में रोजगार बढ़ाने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित उत्तराखंड का लक्ष्य गांवों को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाए बिना हासिल नहीं किया जा सकता। सरकार सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।
होमस्टे, ग्रामीण पर्यटन, कृषि, बागवानी, पशुपालन और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसर बढ़ाने में पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है।
35 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार अंत्योदय की भावना के साथ काम कर रही है। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से शासन और प्रशासन को सीधे जनता तक पहुंचाया गया है। इससे हजारों लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिला और कई समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान हुआ।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के प्रयासों से 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून और नकल विरोधी कानून लागू करने जैसे कदम भी उठाए गए हैं। सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने और स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा के लिए भू-कानून लागू करने की दिशा में भी काम किया गया है।
पर्यटन और महिला सशक्तीकरण को मिल रहा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य किए जा रहे हैं। केदारखंड और मानसखंड के प्रमुख मंदिरों के विकास के साथ गोल्ज्यू कॉरिडोर, यमुना कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य पर्यटन गतिविधियों का विस्तार करना और स्थानीय लोगों के लिए वर्षभर आजीविका के अवसर तैयार करना है। महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों और लखपति दीदी अभियान के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ किसानों, वरिष्ठ नागरिकों, सैनिकों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए भी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
पंचायत निधि के उपयोग में पारदर्शिता के निर्देश
मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों से विकास कार्यों में पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पंचायतों को मिलने वाली धनराशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के लिए किया जाए। विकास कार्य समय पर पूरे हों और उनकी गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार, प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयासों से ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी। जनप्रतिनिधियों को जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए सेवा, सुशासन और विकास की भावना से काम करना चाहिए।
सम्मेलन में ब्लॉक प्रमुख संगठन उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष राजीव कंडारी, महासचिव गणेश चंदोला, ज्योति ग्रोवर, संरक्षक हरीश बिष्ट सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए ब्लॉक प्रमुख एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।



