देहरादून में मिलावटखोरों पर बड़ा प्रहार, 350 किलो संदिग्ध पनीर-मावा नष्ट
त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा विभाग की ताबड़तोड़ छापेमारी, सुबह 5 बजे से शुरू हुई जांच; मिठाई की दुकानों और ऑनलाइन स्टोर से लिए गए नमूने

देहरादून, 31 अक्टूबर 2026। दीपावली समेत त्योहारों के मद्देनजर खाद्य पदार्थों में मिलावट पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने देहरादून में अभियान तेज कर दिया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने भनियावाला, रानीपोखरी, डोईवाला और जीएमएस रोड क्षेत्र में छापेमारी और निरीक्षण कर करीब 350 किलोग्राम संदिग्ध पनीर और मावा नष्ट कराया। वहीं, पनीर, मावा और मिठाइयों समेत विभिन्न खाद्य पदार्थों के सात नमूने जांच के लिए राजकीय खाद्य विश्लेषणशाला भेजे गए हैं।
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में बाहरी जनपदों से आने वाले वाहनों की जांच के साथ डेयरी, मिठाई की दुकानों और ऑनलाइन खाद्य सामग्री की आपूर्ति करने वाले स्टोर का भी निरीक्षण किया गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट में मिलावट या अन्य अनियमितताएं सामने आने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सुबह पांच बजे से शुरू हुई वाहनों की जांच
उपायुक्त खाद्य सुरक्षा गढ़वाल मंडल आरएस रावत के नेतृत्व में विभागीय टीम ने शनिवार सुबह पांच बजे से भनियावाला और रानीपोखरी क्षेत्र में बाहरी जनपदों से आने वाले वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान गुप्त सूचना के आधार पर महिंद्रा पिकअप वाहन संख्या UK 08 CA 7149 की जांच की गई।
विभाग के मुताबिक, वाहन में हरिद्वार के सुल्तानपुर क्षेत्र से लाया गया करीब 200 किलोग्राम संदिग्ध पनीर अस्वच्छ परिस्थितियों में वितरित किया जा रहा था। टीम ने पनीर का नमूना लेने के बाद शेष पनीर नष्ट करा दिया।
इसके बाद बोलेरो वाहन संख्या UK 08 BD 3551 की जांच की गई। वाहन में हरिद्वार के भगवानपुर क्षेत्र से लाया गया करीब 150 किलोग्राम संदिग्ध मावा मिला। मावा वाहन की सीटों के नीचे पैरों के पास रखा हुआ था और उसमें दुर्गंध भी आ रही थी। खाद्य सुरक्षा टीम ने मावे का नमूना लेकर शेष मात्रा नष्ट करा दी।
डेयरी और मिठाई की दुकानों में भी जांच
वाहनों की जांच के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने भनियावाला स्थित दुर्गा चौक की एक डेयरी का निरीक्षण किया। यहां संदेह के आधार पर परम पनीर और सेलेक्सो पैक्ड पनीर के नमूने लिए गए। इसके अलावा भनियावाला, रानीपोखरी और डोईवाला क्षेत्र की मिठाई की दुकानों का निरीक्षण कर मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि अंकित होने की व्यवस्था भी जांची गई।
ऑनलाइन स्टोर भी विभाग की रडार पर
खाद्य सुरक्षा विभाग ने ऑनलाइन माध्यम से खाद्य सामग्री की आपूर्ति करने वाले प्रतिष्ठानों को भी जांच के दायरे में शामिल किया। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना के नेतृत्व में जीएमएस रोड क्षेत्र के विभिन्न मिठाई प्रतिष्ठानों और दुकानों का निरीक्षण किया गया।
टीम ने ओलंपस हाई स्कूल के पास स्थित हाइपरनेक्स्ट (जेप्टो) स्टोर में भी जांच की। यहां पैक्ड मिठाइयों पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि की पड़ताल की गई। संदेह के आधार पर काजू कतली, सोन पापड़ी और मिल्क केक के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए।
दोनों अभियानों में कुल सात नमूने राजकीय खाद्य विश्लेषणशाला भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मिलावटखोरी बर्दाश्त नहीं होगी: विनय शंकर पांडेय
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय ने कहा कि त्योहारों के दौरान आम जनता को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेशभर में मिलावट के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि देहरादून में अस्वच्छ परिस्थितियों में परिवहन और वितरण किए जा रहे संदिग्ध पनीर एवं मावे को नष्ट कराया गया है। विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। मिठाई की दुकानों, बेकरी प्रतिष्ठानों और ऑनलाइन खाद्य आपूर्ति करने वाले स्टोर पर भी निगरानी रखी जा रही है।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई होगी। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा और मिलावटखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
इन अधिकारियों ने संभाली कार्रवाई की कमान
अभियान में उपायुक्त खाद्य सुरक्षा गढ़वाल मंडल आरएस रावत, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा देहरादून मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम क्षेत्र रमेश सिंह तथा वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी विकासनगर संजय तिवारी सहित विभागीय टीम के सदस्य शामिल रहे।



