उत्तराखंड

टिहरी में सड़क हादसों पर प्रशासन सख्त, 51 हजार से अधिक चालान; ब्लैक स्पॉट सुधारने के निर्देश

जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा कर दिए सुरक्षा उपायों को प्रभावी बनाने के निर्देश, ब्रह्मानंद मोड़ पर स्लोप ट्रीटमेंट को प्राथमिकता देने पर जोर

नई टिहरी, 31 अक्टूबर। जनपद टिहरी गढ़वाल में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जनवरी से सितंबर 2026 तक हुई सड़क दुर्घटनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में दुर्घटनाओं के कारणों, वाहनों के प्रकार, थानावार स्थिति और दुर्घटनाओं के समय से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। साथ ही संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा के उपाय प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए।

परिवहन विभाग ने किए 5,155, पुलिस ने 46,432 चालान

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2026 तक परिवहन विभाग ने कुल 5,155 चालान किए, जबकि पुलिस विभाग ने 46,432 चालान की कार्रवाई की। सार्वजनिक सेवायानों से संबंधित दुर्घटनाओं में प्रभावित व्यक्तियों को देय आर्थिक सहायता का शत-प्रतिशत वितरण किया जा चुका है। वहीं, जनपद में हिट एंड रन के कोई मामले दर्ज नहीं होने की जानकारी दी गई।

रैश ड्राइविंग बनी दुर्घटनाओं की वजह

जिलाधिकारी ने सितंबर माह में हुई चार सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा करते हुए उनके कारणों की जानकारी ली। समीक्षा में सामने आया कि इनमें से दो दुर्घटनाएं तेज और लापरवाही से वाहन चलाने यानी रैश ड्राइविंग के कारण हुईं। जिलाधिकारी ने दुर्घटनाओं के कारणों का गंभीरता से विश्लेषण करने और उनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।

अंधे मोड़ों पर साइनेज, झाड़ियों की कटाई के निर्देशों पर कार्रवाई

पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने अंधे मोड़ों पर साइनेज लगाए हैं। वहीं, लोक निर्माण विभाग ने सड़क किनारे झाड़ियों की कटाई करने के साथ विभिन्न स्थानों पर साइन बोर्ड भी स्थापित किए हैं। इन कार्यों के जियोटैग फोटोग्राफ भी बैठक में प्रस्तुत किए गए।

जिलाधिकारी ने ब्रह्मानंद मोड़ पर स्लोप ट्रीटमेंट का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने पर विशेष जोर दिया, ताकि सड़क सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का समय रहते समाधान किया जा सके।

चारधाम यात्रा से पहले तैयार होंगे प्रस्ताव

बैठक में कुंभ और पर्यटन मार्गों के विकास तथा अनुमोदन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। एआरटीओ राजेंद्र विराटिया ने बताया कि तीन मार्गों को आरटीओ से अनुमोदन मिल चुका है, जबकि 27 अन्य मार्गों के अनुमोदन की प्रक्रिया चल रही है।

उन्होंने बताया कि मार्गों को मंजूरी देने से पहले संयुक्त सर्वेक्षण और वाहन के माध्यम से ट्रायल किया जाता है। इसके बाद सड़क के मोड़ों (कर्व) और चौड़ाई का मापन कर निर्धारित मानकों के आधार पर अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी की जाती है।

ट्रिप कार्ड और हिल ड्राइविंग लाइसेंस पर भी चर्चा

बैठक में मोटर यूनियन के प्रतिनिधियों ने ट्रिप कार्ड और हिल ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित सुझाव रखे। जिलाधिकारी ने सुझावों पर सहमति जताते हुए संबंधित अधिकारियों को आगामी चारधाम यात्रा से पहले प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य पर्वतीय मार्गों पर यातायात को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है।

बैठक में सीएमओ डॉ. राम प्रकाश, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता के.एस. नेगी, सहायक अभियंता नवीन कौशिक, एनएच श्रीनगर के सहायक अभियंता मनोज अग्रवाल, बीआरओ के के.सी. नौटियाल एवं एस.एस. रावत, जेई सतवीर सिंह, राजेंद्र सिंह नेगी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

 

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