देहरादून में MDDA का बड़ा एक्शन, सात जगह अवैध निर्माण सील; बिना नक्शा पास कराए बन रही थीं दुकानें
विद्यासागर मार्ग से सहस्रधारा रोड तक चला प्राधिकरण का अभियान, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा—अवैध निर्माणों पर जारी रहेगी कार्रवाई

देहरादून, 30 अक्टूबर। राजधानी देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को प्राधिकरण की टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाकर सात स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाई जा रही दुकानों और अन्य व्यावसायिक एवं निर्माणाधीन संरचनाओं को सील किया गया।
प्राधिकरण के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य शहर में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना और भवन निर्माण संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अंकुश लगाना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
विद्यासागर मार्ग से खलंगा तक कार्रवाई
MDDA की टीम ने विद्यासागर मार्ग पर गैस गोदाम के निकट संजीव फरासी द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को सील किया। वहीं, सुंदरवाला स्थित विज्ञान विहार कॉलोनी के खलंगा क्षेत्र में छमी द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाई जा रही छह दुकानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई।
इसके अलावा रायपुर रोड पर शाह जनरल स्टोर के निकट ऋषभ भंडारी द्वारा निर्मित अवैध व्यावसायिक दुकानों को सील किया गया। खलंगा क्षेत्र में अभय प्रताप सिंह द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण पर भी प्राधिकरण की टीम ने कार्रवाई की।
देहराखास और सहस्रधारा रोड पर भी चला अभियान
अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान के तहत देहराखास स्थित दून मेडिकल रोड पर अजय शर्मा और सौरभ जैन द्वारा किए जा रहे निर्माण को सील किया गया। अस्थल रोड पर एचआईटी कॉलेज के सामने, थेवा माल देवता रोड क्षेत्र में कपिल और पुलकित द्वारा किए जा रहे निर्माण पर भी कार्रवाई की गई।
वहीं, सहस्रधारा रोड पर विक्रम द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण के खिलाफ भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की टीम ने संबंधित स्थलों पर कार्रवाई करते हुए अनधिकृत निर्माणों पर रोक लगाने का प्रयास किया।
निर्माण से पहले नक्शा पास कराना जरूरी
MDDA अधिकारियों के अनुसार, देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में व्यवस्थित विकास के लिए भवन निर्माण से जुड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य है। बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण होने से शहर की नियोजन व्यवस्था प्रभावित होती है। इसके साथ ही भविष्य में सड़क, पार्किंग और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
प्राधिकरण शिकायतों और निरीक्षण के आधार पर अवैध निर्माणों की निगरानी कर रहा है। अभियान के दौरान क्षेत्रीय अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर और पुलिस बल मौजूद रहे।
अवैध निर्माणों पर नहीं मिलेगी छूट: बंशीधर तिवारी
MDDA के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। भवन निर्माण के निर्धारित नियमों और मानकों का पालन कराना आवश्यक है। बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण करना नियमों का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि शहर में अवैध निर्माणों को किसी भी स्थिति में बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। प्राधिकरण की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर रही हैं और अनधिकृत निर्माण पाए जाने पर कार्रवाई की जा रही है।
उपाध्यक्ष ने आम नागरिकों और भवन निर्माताओं से अपील की कि किसी भी प्रकार का निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक मानचित्र स्वीकृत कराएं और निर्धारित नियमों का पालन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यवस्थित विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
लगातार निगरानी, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई: मोहन सिंह बर्निया
MDDA के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है। बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण करने वालों को नियमों का पालन करना होगा। निरीक्षण के दौरान अनधिकृत निर्माण पाए जाने पर सीलिंग सहित आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।



