देहरादून में एमडीडीए का बड़ा एक्शन, धौरण रोड से सहस्त्रधारा रोड तक अवैध निर्माण सील
स्वीकृत नक्शों से छेड़छाड़ कर बनाए जा रहे भवन और बिना अनुमति बन रही सात दुकानें कार्रवाई की जद में; एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी बोले—नियोजित विकास से समझौता नहीं।

देहरादून, 31 अक्टूबर। शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सख्त रुख अपनाते हुए शनिवार को धौरण रोड और सहस्त्रधारा रोड पर बड़ी कार्रवाई की। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने अलग-अलग स्थानों पर नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे निर्माण कार्यों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान स्वीकृत मानचित्रों से विचलन कर भवन निर्माण करने और बिना मानचित्र स्वीकृति के दुकानें बनाने के मामले सामने आए।
प्राधिकरण ने संबंधित मामलों में नियमानुसार वाद दायर करने और वैधानिक प्रक्रिया अपनाने के बाद सीलिंग की कार्रवाई की। एमडीडीए ने स्पष्ट किया कि शहर में अनियोजित निर्माण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
धौरण रोड पर स्वीकृत नक्शों से छेड़छाड़ का मामला
एमडीडीए की टीम ने धौरण रोड स्थित आईटी पार्क क्षेत्र के दून डिवाइन परिसर में मैसर्स युग रियल एलएलपी (देवेश वरयानी) के निर्माण कार्य पर कार्रवाई की। प्राधिकरण के अनुसार, यहां छह स्वीकृत मानचित्रों के अनुरूप प्रस्तावित निर्माणों को आपस में जोड़कर एक भवन के रूप में विकसित किया जा रहा था। आरोप है कि स्वीकृत मानचित्रों से विचलन करते हुए फ्लैट बनाने के उद्देश्य से निर्माण किया जा रहा था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण ने उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास) अधिनियम के प्रावधानों के तहत वाद दायर किया। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए संबंधित निर्माण को सील कर दिया गया।
सहस्त्रधारा रोड पर बिना नक्शे के बन रही थीं दुकानें
प्राधिकरण की दूसरी कार्रवाई सहस्त्रधारा रोड स्थित मंदाकिनी विहार में हुई। यहां शुभ्रा राय द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के तीन दुकानों का निर्माण किए जाने का मामला सामने आया। एमडीडीए ने संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने और निर्माण से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए विभिन्न तिथियां निर्धारित की थीं। हालांकि, प्राधिकरण के अनुसार, संतोषजनक जवाब और आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके बाद निर्माण को सील कर दिया गया।
इसी क्रम में सहस्त्रधारा रोड पर नॉर्थ साइड सिटी पार्क के निकट साहनी द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के चार दुकानों का निर्माण किए जाने पर भी कार्रवाई की गई। प्राधिकरण ने नियमानुसार वाद दायर करने और वैधानिक प्रक्रिया अपनाने के बाद संबंधित निर्माण को सील कर दिया।
इस तरह सहस्त्रधारा रोड के दो स्थानों पर बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाई जा रही कुल सात दुकानों पर कार्रवाई की गई।
बंशीधर तिवारी बोले—नियोजित विकास से समझौता नहीं
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों का सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। प्रत्येक निर्माण निर्धारित भवन उपविधियों और स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण करना या स्वीकृत मानचित्र में मनमाने ढंग से बदलाव करना नियमों का उल्लंघन है। प्राधिकरण ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रख रहा है। अनधिकृत निर्माण की जानकारी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
तिवारी ने भवन निर्माणकर्ताओं और आमजन से अपील की कि किसी भी भवन, दुकान या व्यावसायिक परिसर का निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक स्वीकृतियां अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
नियमित निगरानी के बाद होगी वैधानिक कार्रवाई : मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ नियमित निगरानी की जा रही है। बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण या स्वीकृत मानचित्र से विचलन के मामलों में नियमानुसार वाद दायर कर संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि निर्धारित प्रक्रिया के बाद नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सीलिंग समेत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाती है। निर्माणकर्ताओं को सभी जरूरी स्वीकृतियां प्राप्त करने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू करना चाहिए।
आमजन से नियमों का पालन करने की अपील
एमडीडीए ने आमजन से अपील की है कि भवन, दुकान या किसी भी व्यावसायिक परिसर का निर्माण कराने से पहले मानचित्र स्वीकृत कराएं और उसी के अनुरूप निर्माण करें। अनधिकृत निर्माण से न केवल शहर की नियोजन व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि निर्माणकर्ता को कानूनी और आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है।
प्राधिकरण ने साफ किया है कि देहरादून के व्यवस्थित विकास और निर्माण नियमों के प्रभावी अनुपालन के लिए अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।



