लखवाड़-सॉन्ग बांध परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया होगी तेज
एडीएम शैलेन्द्र सिंह नेगी ने अधिकारियों को दिए निर्देश, प्रभावित परिवारों को समय पर प्रतिकर और पुनर्वास का लाभ दिलाने पर जोर

नई टिहरी। लखवाड़ और सॉन्ग बांध परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों के लिए राहत की प्रक्रिया तेज करने की कवायद शुरू हो गई है। अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में गुरुवार देर शाम कलेक्ट्रेट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दोनों परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण, प्रतिकर वितरण और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान लंबित मामलों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में परियोजनावार भूमि अधिग्रहण की प्रगति, वितरित किए जा चुके प्रतिकर, पुनर्वास से जुड़े कार्यों और लंबित प्रकरणों की विस्तृत जानकारी ली गई। एडीएम ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित लोगों से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने एसएलओ को लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करते हुए प्रतिकर वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। पात्र प्रभावित परिवारों को समयबद्ध रूप से प्रतिकर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा जरूरत के अनुसार प्रभावितों के बीच कैंप आयोजित कर भुगतान प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने को कहा।
प्रभावितों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता
एडीएम शैलेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि परियोजनाओं से प्रभावित लोगों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। भूमि अधिग्रहण, प्रतिकर भुगतान और पुनर्वास से जुड़े मामलों का निस्तारण पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में उपजिलाधिकारी कमलेश मेहता, डीजीएम सॉन्ग बांध परियोजना प्रताप सिंह बिष्ट, डीजीएम लखवाड़ बांध परियोजना शिवदास, एसएलओ नीलू चावला, कानूनगो बलवंत तोमर सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



