एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, दो भवन सील; अवैध निर्माण पर कसा शिकंजा
माजरा और बंगाली कोठी में बिना स्वीकृति निर्माण पर कार्रवाई, एमडीडीए ने भवन स्वामियों को दी नियमों के पालन की हिदायत

देहरादून, 28 सितंबर। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को प्राधिकरण की टीम ने देहरादून के माजरा और बंगाली कोठी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए दो भवनों को सील कर दिया।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी और सचिव मोहन सिंह बर्निया के निर्देशन में प्राधिकरण की टीमें शहर और आसपास के क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों की लगातार निगरानी कर रही हैं। इसी क्रम में नियमों के विपरीत पाए गए निर्माणों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई।
माजरा में भूतल और प्रथम तल का निर्माण सील
पहली कार्रवाई लाल बहादुर शास्त्री मार्ग, माजरा में की गई। यहां इकराम की ओर से भूतल और प्रथम तल पर भवन निर्माण किया जा रहा था। मामले में उत्तराखंड (उप्र) नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 के संशोधन अधिनियम, 2009 की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। यह प्रकरण वाद संख्या आर-0439/एस-1/2022 के रूप में दर्ज था। नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करने के बाद सोमवार को संबंधित भवन को सील कर दिया गया।
बंगाली कोठी में व्यावसायिक निर्माण पर कार्रवाई
दूसरी कार्रवाई बंगाली कोठी, मोधरोवाला रोड में की गई। यहां एमएस रावत की ओर से व्यावसायिक निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण ने मामले में नियमानुसार वाद दर्ज करते हुए वाद संख्या सी-03076/एस-2/2026 के तहत कार्रवाई की। एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर संबंधित निर्माण को सील कर दिया।
बिना स्वीकृति निर्माण पर होगी कार्रवाई
एमडीडीए ने भवन स्वामियों और निर्माणकर्ताओं से अपील की है कि निर्माण शुरू करने से पहले मानचित्र और आवश्यक स्वीकृतियां अवश्य सुनिश्चित करें। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति अथवा स्वीकृत मानकों के विपरीत किए जा रहे निर्माण के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लाटिंग के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माणों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण की टीमें निर्माण गतिविधियों की लगातार निगरानी कर रही हैं। बिना स्वीकृति या निर्धारित मानकों के विपरीत किए जा रहे निर्माण के मामलों में कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य क्षेत्र में सुनियोजित विकास व्यवस्था को मजबूत करना है।



