आपदा पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, डीएम ने सकलाना क्षेत्र में किया स्थलीय निरीक्षण
चिफल्डी ट्रॉली पुल निर्माण में देरी पर जताई नाराजगी, 30 जून तक मांगी कार्ययोजना

थत्यूड़ (टिहरी गढ़वाल)। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की जमीनी हकीकत परखने के लिए जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने बुधवार को धनोल्टी तहसील के सकलाना क्षेत्र का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन पुलों, विद्यालय भवनों और आपदा प्रभावित स्थलों का जायजा लेकर संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
चिफल्डी में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्माणाधीन ट्रॉली पुल का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने कार्य में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने बताया कि पुल के अभाव में करीब दस गांवों के लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्माण एजेंसी को 30 जून तक विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए तथा लोक निर्माण विभाग को नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा।
इसके बाद उन्होंने भुत्सी के सीतापुर में बान्दल नदी पर बन रहे लाल पुल का निरीक्षण किया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पुल का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और एक सप्ताह के भीतर इस पर आवाजाही शुरू कर दी जाएगी। ग्रामीणों ने नदी कटाव से कृषि भूमि को हो रहे नुकसान और सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग भी जिलाधिकारी के समक्ष रखी।
रगड़ गांव स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने आपदा के बाद समयबद्ध तरीके से नई कक्षाओं के निर्माण के लिए जिला प्रशासन का आभार जताया। खनिज न्यास मद से 50 लाख रुपये की लागत से छह कक्षों और एक कंप्यूटर लैब का निर्माण कराया गया है। वर्तमान में विद्यालय में 169 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क, संपर्क मार्ग और आपदा सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न समस्याएं भी उठाईं। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आपदा प्रभावित परिवारों को लंबित किराया सहायता उपलब्ध कराने और खतरे की जद में रह रहे परिवारों की सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं इन कार्यों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और ग्राम प्रधानों की सक्रिय भूमिका की सराहना करते हुए बेहतर समन्वय के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।



