केदारनाथ रोपवे परियोजना में आएगी तेजी, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने दिए सख्त निर्देश
वन स्वीकृति के प्रस्ताव जल्द पोर्टल पर होंगे अपलोड, राजस्व भूमि पर टावर निर्माण शुरू करने और गौरीकुंड-सोनप्रयाग में पार्किंग व जनसुविधाएं विकसित करने पर जोर

देहरादून। केदारनाथ धाम की यात्रा को सुगम बनाने और महत्वाकांक्षी रोपवे परियोजना को गति देने के लिए शासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने संबंधित अधिकारियों को परियोजना से जुड़े कार्यों में तेजी लाने और सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वन स्वीकृति के प्रस्ताव शीघ्र पोर्टल पर अपलोड करने के साथ ही टावर निर्माण और यूटिलिटी शिफ्टिंग के कार्यों में भी तेजी लाने को कहा।
शुक्रवार, 9 अक्टूबर को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के अंतर्गत उत्तराखंड रोपवे डेवलपमेंट लिमिटेड के निदेशक मंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी देने के साथ केदारनाथ रोपवे परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई।
वन स्वीकृति के साथ टावर निर्माण की तैयारी तेज
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केदारनाथ रोपवे के लिए आवश्यक वन स्वीकृति से संबंधित प्रस्ताव जल्द से जल्द पोर्टल पर अपलोड किए जाएं। इसके साथ ही परियोजना के लिए चिह्नित प्रतिपूरक वनीकरण (सीए) भूमि का दोबारा सत्यापन भी समानांतर रूप से कराया जाए, ताकि स्वीकृति की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।
उन्होंने परियोजना की निर्धारित अलाइनमेंट के अनुसार प्रत्येक गतिविधि का विस्तृत कार्ययोजना चार्ट (पर्ट चार्ट) तैयार कर बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि जिन स्थानों पर राजस्व भूमि पर टावरों का निर्माण होना है और जहां वन स्वीकृति की आवश्यकता नहीं है, वहां टावरों की नींव का काम शुरू किया जाए।
इसके अलावा यूटिलिटी शिफ्टिंग से जुड़े कार्यों में तेजी लाने और प्रत्येक टावर के निर्माण कार्य की शुरुआत तथा पूरा होने की निर्धारित तिथि के साथ कैलेंडर तैयार करने को कहा गया।
गौरीकुंड-सोनप्रयाग में विकसित होंगी पार्किंग और जनसुविधाएं
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव ने गौरीकुंड और सोनप्रयाग के निकट पार्किंग, जनसुविधाओं और आवासीय सुविधाओं के विकास के लिए समुचित योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पार्किंग सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित कर उसे योजना में शामिल किया जाए और संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाया जाए। इससे यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
यात्रा प्रभावित न हो, वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था के निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि केदारनाथ यात्रा के व्यस्ततम समय में भी निर्माण कार्य जारी रहने से यात्रा संचालन प्रभावित नहीं होना चाहिए। इसके लिए वैकल्पिक मार्गों और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की पहले से योजना तैयार कर उन्हें सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने संबंधित जिलाधिकारियों और प्रभागीय वनाधिकारियों (डीएफओ) को भी निदेशक मंडल की बैठक में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल करने के निर्देश दिए। इससे भूमि, वन स्वीकृति और अन्य संबंधित मामलों में विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
बैठक में सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रणवीर सिंह चौहान, धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव विनीत कुमार और एनएचएलएमएल के अधिकारी उपस्थित रहे।



