7 मई को आस्था, संस्कृति और परंपरा का संगम बनेगा श्री भद्राज देवता मेला
ढाणा बाजार में जुटेंगे हजारों श्रद्धालु और व्यापारी, रांसो-तांदी लोकनृत्य के बीच गूंजेगी जौनपुर की सांस्कृतिक विरासत

थत्यूड़/टिहरी गढ़वाल। जौनपुर क्षेत्र की लोकआस्था, संस्कृति और ऐतिहासिक परंपरा का प्रतीक माने जाने वाला प्रसिद्ध श्री भद्राज देवता मेला आगामी 7 मई 2026 (24 गते बैसाख) को पारंपरिक श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा। थत्यूड़ कस्बे के समीप स्थित ढाणा बाजार में लगने वाला यह ऐतिहासिक मेला हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं, व्यापारियों और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
मेले का शुभारंभ तेवा गांव के ग्रामीणों एवं पंडित जगत राम मैठाणी द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना और हवन के साथ किया जाएगा। इसके बाद पारंपरिक रांसो और तांदी लोकनृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियों से पूरा क्षेत्र लोकसंस्कृति के रंग में सराबोर हो उठेगा।
जौनपुर क्षेत्र में श्री भद्राज देवता को न्याय और लोकआस्था के देवता के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना यहां अवश्य पूर्ण होती है। यही वजह है कि टिहरी समेत आसपास के कई जनपदों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेले में पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं।
मेला समिति के अनुसार इस बार भी विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों व्यापारी मेले में भाग लेंगे। मंदिर समिति अध्यक्ष मुकेश रावत ने बताया कि सभी व्यापारियों के लिए पंजीकरण अनिवार्य रहेगा। साथ ही झूला-चरखी संचालकों और अन्य दुकानदारों को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) साथ लाना अनिवार्य किया गया है।
मेला संचालन समिति ने प्रशासन, व्यापारियों और आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए मेले को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने का आह्वान किया है। समिति के महासचिव मनवीर नेगी, कोषाध्यक्ष रविंद्र परमार, पुजारी महीपाल परमार, प्रधान मुरारी लाल, दिनेश रावत और चैन सिंह बिष्ट ने श्रद्धालुओं से मेले की गरिमा बनाए रखने की अपील की है।



