थत्यूड़ में ग्राम प्रधानों का धरना, ऑनलाइन हाजिरी और VBG-RAM-G की तकनीकी खामियों पर जताया आक्रोश
नेटवर्क की समस्या से मजदूरों की हाजिरी प्रभावित, भुगतान में देरी और पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों को लेकर प्रधान संगठन ने उठाई आवाज

रिपोर्ट–मुकेश रावत
थत्यूड़। जौनपुर ब्लॉक मुख्यालय थत्यूड़ में शुक्रवार को ग्राम प्रधान संगठन जौनपुर की ओर से विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (VBG-RAM-G) के क्रियान्वयन और ऑनलाइन हाजिरी में आ रही तकनीकी समस्याओं के विरोध में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रधान संगठन के अध्यक्ष प्रदीप कवि की अध्यक्षता में आयोजित धरने में जौनपुर ब्लॉक क्षेत्र के बड़ी संख्या में ग्राम प्रधानों ने प्रतिभाग कर शासन-प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश जताया।
प्रधानों ने कहा कि पर्वतीय और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में कमजोर नेटवर्क एवं इंटरनेट कनेक्टिविटी के कारण मनरेगा सहित रोजगारपरक योजनाओं में श्रमिकों की ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करना बेहद मुश्किल हो रहा है। कई बार तकनीकी समस्या के चलते हाजिरी दर्ज नहीं हो पाती या रिजेक्ट हो जाती है, जिससे श्रमिकों का भुगतान प्रभावित हो रहा है।
प्रधान संगठन ने VBG-RAM-G और मनरेगा पोर्टल में लगातार आ रही तकनीकी खामियों को भी बड़ी समस्या बताया। संगठन का कहना है कि पोर्टल की दिक्कतों के कारण ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब हो रहा है और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ-साथ ग्रामीण श्रमिकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रधानों के मुताबिक, ऑनलाइन हाजिरी में तकनीकी बाधा और भुगतान में देरी का सीधा असर गरीब ग्रामीण मजदूरों पर पड़ रहा है। समय पर मजदूरी नहीं मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है।
धरने के दौरान प्रधान संगठन ने मांग की कि पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था को व्यावहारिक बनाया जाए, नेटवर्क और पोर्टल से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए तथा प्रभावित श्रमिकों के लंबित भुगतान जल्द जारी किए जाएं।
प्रधान संगठन जौनपुर ने स्पष्ट किया कि जब तक इन समस्याओं का स्थायी और व्यावहारिक समाधान शासन-प्रशासन की ओर से नहीं किया जाता, तब तक संगठन ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीण श्रमिकों के हित में अपनी आवाज उठाता रहेगा।



