थत्यूड

थत्यूड़ की त्रैमासिक बैठक में गरजे जनप्रतिनिधि, कमीशनखोरी पर फूटा गुस्सा, डीएम ने दी 1064 पर शिकायत की सलाह

"सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर जनप्रतिनिधियों ने जताई नाराजगी

रिपोर्ट- मुकेश रावत 

थत्यूड़। जौनपुर क्षेत्र पंचायत की त्रैमासिक बैठक इस बार सिर्फ औपचारिकताओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि विकास कार्यों में सुस्ती, बदहाल सड़कें, झूलती बिजली की तारें, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और विभागों में कथित कमीशनखोरी जैसे मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों ने जमकर नाराजगी जताई। बैठक के दौरान कई बार माहौल गर्माया तो जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल को अधिकारियों को सख्त निर्देश देने पड़े।

ब्लॉक प्रमुख सीता पवार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज एवं कोच स्वर्गीय जसपाल राणा को श्रद्धांजलि देकर हुई। सदन ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

सड़कों की बदहाली पर डीएम का सख्त रुख

बैठक में सबसे पहले लोक निर्माण विभाग की समीक्षा हुई। क्षेत्र पंचायत सदस्य जगत सिंह ने थत्यूड़-मराड़ मोटर मार्ग पर नाली निर्माण न होने का मुद्दा उठाया, जबकि सदस्य अनीश कुमार ने थत्यूड़-ढाणा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक जाने वाली सड़क की जर्जर हालत पर सवाल खड़े किए।

सड़क सुधार कार्यों में देरी पर जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने अधिशासी अभियंता को फटकार लगाते हुए कहा कि वर्ष 2025 में स्वीकृत कार्यों का 2026 तक पूरा न होना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने जल्द डामरीकरण और सुदृढ़ीकरण कराने के निर्देश दिए।

झूलती बिजली की तारों से ग्रामीणों में डर

विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान जनप्रतिनिधियों ने गांवों में झूलती बिजली की तारों को बड़ा खतरा बताया। विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने विभागीय अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि दुर्घटना होने से पहले तारों की मरम्मत और सुधार सुनिश्चित किया जाए।

स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी उठे सवाल

ग्राम प्रधान प्रदीप कवि ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नैनबाग के उच्चीकरण का मुद्दा उठाया। इस पर डिप्टी सीएमओ डॉ. बृजेश तिवारी ने बताया कि निर्धारित आबादी का मानक पूरा न होने के कारण स्वास्थ्य केंद्र का विस्तार नहीं हो पा रहा है।

सदन में सकलाना, पंतवाड़ी, भवन और थत्यूड़ क्षेत्र की स्वास्थ्य समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया और समाधान की मांग की गई।

पानी और शिक्षा पर भी चिंता

जल संस्थान और जल निगम की समीक्षा में ग्राम प्रधान सरिता देवी ने छंडूखील के नामे तोक में पेयजल संकट का मामला उठाया। वहीं शिक्षा विभाग पर चर्चा के दौरान जनप्रतिनिधियों ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में छात्रों की संख्या लगातार घट रही है, जो चिंताजनक स्थिति है।

कमीशनखोरी के खिलाफ एकजुट हुआ सदन

बैठक का सबसे चर्चित मुद्दा विभागों में कथित कमीशनखोरी रहा। लगभग सभी जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि विभागों में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी पर रोक नहीं लगी तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।

इस पर विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की, जबकि जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने साफ कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति कमीशनखोरी में संलिप्त पाया जाता है तो उसकी शिकायत विजिलेंस हेल्पलाइन 1064 पर की जाए। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

स्टॉलों का निरीक्षण भी किया

बैठक के बाद जिलाधिकारी और विधायक ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं की जानकारी ली।

बैठक में उपप्रमुख जय कृष्ण उनियाल, कनिष्ठ उपप्रमुख मंजू पवार, जिला विकास अधिकारी मोहम्मद असलम खान, जिला पंचायत राज अधिकारी ऋषिराम उनियाल, खंड विकास अधिकारी अर्जुन सिंह रावत, खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कार्की, जिला पंचायत सदस्य रामदयाल शाह, दीक्षा नेगी, क्षेत्र पंचायत सदस्य रमेश बिष्ट, जसवंत पवार, प्रधान कुलबीर रावत, सरदार सिंह पवार, सरदार सिंह पुंडीर, सरस्वती रावत, मेनका सजवाण समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। संचालन एवीडीओ देवी प्रसाद चमोली ने किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!