सकलाना में ADM का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं की परखी हकीकत
एडीएम शैलेन्द्र सिंह नेगी ने शिक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और SIR अभियान की जमीनी हकीकत परखी, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

टिहरी गढ़वाल। अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने शनिवार को सकलाना क्षेत्र का दौरा कर सरकारी विद्यालयों, पुलिस चौकी कुमाल्डा और दुबड़ी मतदान केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
एडीएम ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय कुमाल्डा, जूनियर हाई स्कूल कुमाल्डा और राजकीय हाई स्कूल कुमाल्डा पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने विद्यालय परिसरों में साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर रखने, बरसात के मौसम को देखते हुए झाड़ियों की नियमित कटाई कराने और विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
छात्रों से किया संवाद, कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान एडीएम ने छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और शैक्षणिक प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि कमजोर विद्यार्थियों को चिन्हित कर उनके लिए विशेष प्रयास किए जाएं, ताकि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। उन्होंने उपस्थिति पंजिका, विद्यालय अभिलेखों और मध्याह्न भोजन व्यवस्था की भी जांच की।
कुमाल्डा पुलिस चौकी में सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
इसके बाद एडीएम ने पुलिस चौकी कुमाल्डा का निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत रखने, किरायेदारों, बाहरी व्यक्तियों और सौंग बांध परियोजना में कार्यरत श्रमिकों का शत-प्रतिशत सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सत्यापन अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने, नियमित गश्त बढ़ाने और आम जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
SIR अभियान की समीक्षा, मतदाता सूची को लेकर दिए निर्देश
एडीएम ने दुबड़ी मतदान केंद्र पहुंचकर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बीएलओ को निर्देशित किया कि मतदाता सूची का कार्य पूरी पारदर्शिता और समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल होना चाहिए, जबकि अपात्र और स्थानांतरित मतदाताओं के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।



