टिहरी में नशे के खिलाफ सख्त हुई प्रशासनिक मशीनरी, जिलाधिकारी ने दिए संयुक्त अभियान के निर्देश
NCORD समिति की बैठक में NDPS मामलों की समीक्षा, संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी निगरानी; स्कूल-कॉलेजों में चलेंगे जागरूकता अभियान

टिहरी गढ़वाल। जनपद को नशामुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित NCORD (नेशनल कोऑर्डिनेशन ऑन ड्रग्स एंड नारकोटिक्स) समिति की बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए विभागवार समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि NDPS एक्ट के तहत दर्ज मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही आरोपियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई कर कानून का सख्ती से पालन कराया जाए। उन्होंने जनपद के संवेदनशील क्षेत्रों और संभावित हॉटस्पॉट स्थानों को चिन्हित कर नियमित जांच एवं प्रवर्तन अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया।
युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और ग्राम स्तर पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि नशे के दुष्प्रभावों के प्रति समाज को जागरूक करना समय की आवश्यकता है और इसमें सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
बैठक में नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली और उपचाराधीन व्यक्तियों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने पुलिस, आबकारी, स्वास्थ्य, शिक्षा और औषधि विभाग को बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए सूचना साझा करने तथा संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रतिबंधित एवं अवैध रूप से प्रयुक्त होने वाली दवाओं की बिक्री पर विशेष निगरानी रखने, संदिग्ध गतिविधियों पर सतत नजर बनाए रखने तथा सूचना तंत्र को और मजबूत करने पर बल दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद को नशामुक्त बनाने के लिए जन-जागरूकता अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाना होगा और आमजन की सहभागिता सुनिश्चित करनी होगी।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, सीओ टिहरी चंद्र मोहन, एआरटीओ सतेंद्र राज, स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि, पुलिस विभाग से संगीता, धर्मेंद्र रौतेला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



