थत्यूड

मगरा में बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, न्यूज़ीलैंड के वैज्ञानिकों ने परखी संभावनाएं

टिहरी के मगरा कीवी उद्यान का विदेशी विशेषज्ञों ने किया गहन निरीक्षण, किसानों को मिले आधुनिक बागवानी के गुर; प्रदेश में कीवी उत्पादन को मिल सकती है नई दिशा

रिपोर्ट-मुकेश रावत 

थत्यूड़, टिहरी। उत्तराखंड के पहाड़ों में कीवी उत्पादन को नई उड़ान देने की तैयारी शुरू हो गई है। जौनपुर ब्लॉक के राजकीय उद्यान मगरा में प्रस्तावित कीवी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की संभावनाओं को परखने के लिए न्यूज़ीलैंड से आए उच्चस्तरीय वैज्ञानिक प्रतिनिधिमंडल ने दो दिवसीय दौरे पर क्षेत्र का गहन निरीक्षण किया। यदि यह परियोजना धरातल पर उतरती है तो टिहरी ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के बागवानों के लिए यह किसी बड़ी सौगात से कम नहीं होगी।

दौरे के दौरान विदेशी विशेषज्ञों ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए प्रस्तावित भूमि, उच्च गुणवत्ता वाली नर्सरी, मदर ब्लॉक, प्रशासनिक भवन और अन्य आधारभूत सुविधाओं का बारीकी से आकलन किया। वैज्ञानिकों ने क्षेत्र की जलवायु, भौगोलिक परिस्थितियों और कीवी उत्पादन की संभावनाओं का भी अध्ययन किया।

किसानों को मिलेगा मौसम का सटीक पूर्वानुमान

निरीक्षण के दौरान मगरा कीवी उद्यान में अत्याधुनिक ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन भी स्थापित किया गया। यह स्टेशन तापमान, मृदा नमी, आपेक्षिक आर्द्रता, पवन गति और धूप की अवधि जैसे महत्वपूर्ण आंकड़ों का नियमित रिकॉर्ड तैयार करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इन आंकड़ों के आधार पर किसान अधिक वैज्ञानिक तरीके से बागवानी निर्णय ले सकेंगे, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।

न्यूज़ीलैंड के वैज्ञानिकों ने किसानों को दिए सफलता के मंत्र

न्यूज़ीलैंड के बायोसाइंस संस्थान से आए वैज्ञानिकों ने करीब 50 स्थानीय बागवानों के साथ सीधा संवाद किया। किसानों की समस्याओं को सुना गया और उनके सुझाव भी लिए गए। इस दौरान रोग प्रबंधन, ट्रेनिंग एवं प्रूनिंग तकनीक, उन्नत बाग प्रबंधन और आधुनिक उत्पादन प्रणालियों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।

विशेषज्ञों ने न्यूज़ीलैंड में अपनाई जा रही आधुनिक कीवी उत्पादन तकनीकों की जानकारी साझा करते हुए किसानों को वैश्विक स्तर की बागवानी पद्धतियों से परिचित कराया। साथ ही कुछ किसानों के अनुभवों को रिकॉर्ड कर भविष्य की योजनाओं में स्थानीय जरूरतों को शामिल करने की पहल भी की गई।

प्रदेश के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है यह प्रोजेक्ट

जिला उद्यान अधिकारी टिहरी अरविंद शर्मा ने बताया कि यदि मगरा में कीवी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना होती है तो यह प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री उपलब्ध कराने, आधुनिक तकनीकों के प्रसार और किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह केंद्र उत्तराखंड को देश के प्रमुख कीवी उत्पादक राज्यों की कतार में खड़ा करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

ये रहे मौजूद

न्यूज़ीलैंड प्रतिनिधिमंडल में डेनियल कोलिन ब्लैक, निकोलस गूल्ड, जॉय लॉरेन टायसन, स्टीवन रॉबर्ट ग्रीन, जेरेमी निकोलस बॉर्डन और स्टीफेन क्लेयर शामिल रहे। वहीं भारतीय न्यूज़ीलैंड उच्चायोग से सुदेशना रे, कृषि मंत्रालय भारत सरकार से चिराग, निदेशालय उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण से सुरभि पांडे एवं कविता राणा, नोडल अधिकारी योगेश भट्ट, नर्सरी विकास अधिकारी राहुल राणा तथा क्षेत्र के अनेक बागवान उपस्थित रहे।

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