देहरादून में एमडीडीए का बड़ा बुलडोजर एक्शन, 50 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त, मसूरी रोड पर निर्माण सील
बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर बड़ी कार्रवाई, प्राधिकरण ने दी चेतावनी—अवैध निर्माण करने वालों को नहीं मिलेगी कोई राहत

देहरादून। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए 50 बीघा से अधिक क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। वहीं मसूरी रोड स्थित एक अवैध निर्माण को सील कर सख्त कार्रवाई का संदेश दिया गया।
संयुक्त सचिव प्रत्यूस सिंह के निर्देश पर एमडीडीए की प्रवर्तन टीम ने तपोवन एनक्लेव क्रॉस-11 रोड क्षेत्र में करीब 20 से 25 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर बुलडोजर चलाया। जांच में सामने आया कि संबंधित भूमि पर विकास प्राधिकरण की अनुमति के बिना प्लॉटिंग का कार्य किया जा रहा था। टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण और विकास कार्यों को ध्वस्त कर दिया।
इसके बाद सहस्त्रधारा रोड स्थित ब्राह्मणवाला खाला क्षेत्र के मन्दाकिनी विहार में भी बड़ी कार्रवाई की गई। यहां करीब 20 से 25 बीघा भूमि पर बिना स्वीकृति विकसित की जा रही प्लॉटिंग को हटाते हुए प्राधिकरण ने ध्वस्तीकरण अभियान चलाया।
उधर, गल्जवाड़ी मसूरी रोड क्षेत्र में नियमों के विपरीत किए जा रहे एक निर्माण को एमडीडीए ने सील कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संबंधित निर्माण के खिलाफ नियमानुसार आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
एमडीडीए अधिकारियों ने बताया कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों तथा अनधिकृत निर्माण गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण और अवैध प्लॉटिंग न केवल विकास मानकों का उल्लंघन हैं बल्कि भविष्य में नागरिक सुविधाओं और शहरी व्यवस्थाओं के लिए भी गंभीर चुनौती बन सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से भूमि या संपत्ति खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच करने की अपील की।
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जा रहा है। जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता उमेश वर्मा, विदिता कुमारी, गौरव तोमर तथा पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुई।



