ओलावृष्टि ने तोड़ी पहाड़ की उम्मीदें, टिहरी में सेब-कीवी समेत बागवानी फसलों को भारी नुकसान
तेज आंधी और ओलों से 30% तक फसलें तबाह, प्रशासन ने किसानों से तुरंत नुकसान दर्ज कराने की अपील की

टिहरी गढ़वाल। पहाड़ में मौसम की मार ने एक बार फिर किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। टिहरी गढ़वाल में शनिवार शाम आई तेज आंधी, तूफान और ओलावृष्टि ने उद्यानिकी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। शुरुआती आकलन में सेब, आड़ू, प्लम, कीवी और सब्जी फसलों को करीब 25 से 30 प्रतिशत तक क्षति होने की बात सामने आई है। जिला प्रशासन और उद्यान विभाग ने प्रभावित काश्तकारों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है।
सबसे अधिक असर टमाटर और शिमला मिर्च जैसी नगदी सब्जी फसलों पर देखा गया, जबकि बागानों में लगे फलदार पेड़ों को भी नुकसान पहुंचा है। कई क्षेत्रों में ओलों की मार से फसलें जमीन पर बिछ गईं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
जिला उद्यान अधिकारी अरविंद शर्मा ने कहा कि विभागीय टीमें तेजी से नुकसान का सर्वे कर रही हैं और नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे समय पर अपनी फसल क्षति की सूचना संबंधित विकासखंड स्तर के नोडल अधिकारियों को दें, ताकि राहत प्रक्रिया में देरी न हो।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि पुनर्गठित फसल बीमा योजना के तहत बीमित किसान अपने दावों के निस्तारण के लिए तुरंत संपर्क करें। वहीं जिन किसानों ने बीमा नहीं कराया है, उन्हें भी योजना की जानकारी लेने के लिए विभाग से जुड़ने को कहा गया है।
मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। विभिन्न विभागों के समन्वय से राहत और सहायता कार्य तेजी से संचालित किए जा रहे हैं, ताकि प्रभावित किसानों को जल्द राहत मिल सके।



