डेयरी फार्मिंग से महिलाओं को मिली आत्मनिर्भरता की नई राह, कुमाल्डा में ‘नारी शक्ति डेयरी फार्म’ की शुरुआत
इंद्र सूर्य ट्रस्ट की पहल—5 महिलाएं बनीं उद्यमी, 12 को मिला कौशल विकास का सहारा

थत्यूड (टिहरी गढ़वाल) : ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और सतत विकास की दिशा में कुमाल्डा क्षेत्र में एक सराहनीय पहल सामने आई है। इंद्र सूर्य ट्रस्ट के संस्थापक एवं अध्यक्ष अनिल थापा के नेतृत्व में महिला-नेतृत्व वाले डेयरी फार्मिंग प्रोजेक्ट की सफल स्थापना की गई, जिससे क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।
ट्रस्ट द्वारा स्थापित “इंद्र सूर्य नारी शक्ति डेयरी फार्म” के माध्यम से पाँच स्थानीय महिलाओं को उद्यमी के रूप में तैयार किया गया है। यह पहल न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करेगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित करेगी। इसके अतिरिक्त, 12 अन्य महिलाओं को सिलाई एवं बुनाई मशीनें प्रदान कर उन्हें कौशल विकास से जोड़ा गया है, जिससे वे अपने जीवन स्तर में सुधार ला सकें।
उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों में 17 सामाजिक कल्याण परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूर्ण कर चुके ट्रस्ट ने एक बार फिर अपने सामाजिक सरोकारों को मजबूती दी है। संस्था का उद्देश्य शिक्षा, आजीविका और महिला सशक्तिकरण के माध्यम से आत्मनिर्भर समाज का निर्माण करना है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रीतम सिंह पंवार एवं सीता पंवार उपस्थित रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया। इस अवसर पर कर्नल अनिल थापा, विनीता रावत सहित स्थानीय ग्रामीण एवं कई गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया और क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि की झलक प्रस्तुत की।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि प्रीतम सिंह पंवार ने कहा कि इस प्रकार की पहलें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं की आत्मनिर्भरता ही समावेशी विकास की असली कुंजी है।
वहीं, कर्नल अनिल थापा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सफलता के लिए निरंतर प्रयास और दृढ़ संकल्प आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का उद्देश्य केवल योजनाएं शुरू करना नहीं, बल्कि ऐसी महिला उद्यमियों को तैयार करना है, जो अपने परिवार और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।



