सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0 का भव्य समापन, सीएम धामी ने बढ़ाया प्रतिभागियों का उत्साह
113 किमी दुर्गम ट्रेल पार करने वाले धावकों का सम्मान, सेना और पर्यटन विभाग के आयोजन को सराहा

कीर्तिनगर/चौरास (टिहरी गढ़वाल), 21 अप्रैल 2026: भारतीय सेना और उत्तराखंड पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0 का भव्य समापन गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर में हुआ। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभागियों, सैन्य अधिकारियों और युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए आयोजन की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के अंतर्गत आयोजित यह हाई एल्टीट्यूड एंड्योरेंस चैलेंज न केवल साहस और धैर्य की परीक्षा है, बल्कि यह युवाओं को राष्ट्र सेवा और अनुशासन के प्रति प्रेरित करने का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण प्रतियोगिता में भारतीय सेना के 100 जवानों सहित देशभर से आए करीब 200 ट्रैकर्स ने हिस्सा लेकर 113 किलोमीटर के दुर्गम पर्वतीय मार्ग को सफलतापूर्वक पार किया है।
यह मैराथन केदार-बद्री ट्रेल पर हेलंग से कलगोट, कलगोट से मंडल और मंडल से उखीमठ तक आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने कठिन परिस्थितियों में अपने साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि यह यात्रा केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम सहित पंच केदार को जोड़ने वाले ऐतिहासिक और आध्यात्मिक मार्ग का अनुभव भी है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को संजोने के साथ-साथ सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी सृजित करते हैं। मुख्यमंत्री ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और राज्य में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।
सीएम धामी ने कहा कि आज औली, ऋषिकेश, मुनस्यारी और टिहरी झील जैसे क्षेत्र एडवेंचर पर्यटन के प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहे हैं। राज्य में राफ्टिंग, कयाकिंग, ट्रेकिंग, पैराग्लाइडिंग और माउंटेनियरिंग जैसी गतिविधियों को योजनाबद्ध तरीके से बढ़ावा दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में गढ़वाल स्काउट के मेजर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना और पारंपरिक यात्रा मार्गों को पुनर्जीवित करना है। प्रतियोगिता की शुरुआत 16 अप्रैल को बद्रीनाथ में एक्सपो के साथ हुई, जिसके बाद तीन चरणों में मैराथन का आयोजन किया गया।
समारोह में ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेंद्र सिंह भी शामिल हुए। इस अवसर पर स्थानीय विधायक विनोद कंडारी, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल, एसएसपी श्वेता चौबे, कुलपति प्रो. प्रकाश सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सैन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



