वैशाखी स्नान पर हरिद्वार में हाई अलर्ट, 10 जोन और 33 सेक्टरों में बंटी सुरक्षा व्यवस्था
ऋषिकुल ऑडिटोरियम में फोर्स को ब्रीफ, सीसीटीवी व ड्रोन से निगरानी; मनसा-चंडी देवी मंदिरों पर विशेष फोकस

हरिद्वार, 12 अप्रैल 2026। वैशाखी स्नान एवं सद्भावना सम्मेलन को सकुशल संपन्न कराने के लिए हरिद्वार पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। संभावित भारी भीड़ को देखते हुए पूरे मेला क्षेत्र को 10 जोन और 33 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जहां चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर रहेगी।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह ने रविवार को ऋषिकुल ऑडिटोरियम में मेला ड्यूटी में तैनात पुलिस बल को ब्रीफ करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कर्मी सतर्कता, संयम और मुस्तैदी के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
अधिकारियों ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे मेला क्षेत्र की लगातार निगरानी की जाएगी। स्थानीय अभिसूचना इकाई को भी सक्रिय कर दिया गया है, ताकि हर महत्वपूर्ण सूचना तुरंत उच्चाधिकारियों तक पहुंचे।
भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष रणनीति तैयार की गई है। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कर दबाव कम किया जाएगा। वहीं, मनसा देवी और चंडी देवी मंदिरों में कतार व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाएगा।
महिला घाटों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी, जबकि जल पुलिस गंगा घाटों पर लगातार गश्त कर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए तैनात रहेगी। हर की पैड़ी क्षेत्र में अव्यवस्था फैलाने वालों और भिखारियों को हटाकर आवागमन सुगम बनाया जाएगा।
रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर लगातार चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। साथ ही, पर्व अवधि के दौरान भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और राष्ट्रीय राजमार्गों पर ट्रैफिक सुचारू रखने के लिए विशेष प्लान लागू किया जाएगा।
सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए बम निरोधक दस्ता (BDS), डॉग स्क्वॉड, फायर सर्विस, टियर गैस स्क्वॉड और घुड़सवार पुलिस को भी तैनात किया गया है। सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भीड़ में नजर रखेंगे।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीनता, नशा और मोबाइल के अनावश्यक उपयोग पर पूरी तरह रोक रहेगी। सभी पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं के साथ सौम्य व्यवहार और स्वच्छ वर्दी में ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का दावा है कि पुख्ता सुरक्षा और बेहतर समन्वय के साथ इस बार वैशाखी स्नान पर्व को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जाएगा।



