राजकीय महाविद्यालय थत्यूड़ में नवप्रवेशित छात्रों का भव्य स्वागत, गुरु दीक्षा एवं अभिविन्यास कार्यक्रम में मिली सफलता की नई सीख
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, अनुशासन, एनएसएस, पुस्तकालय और भारतीय ज्ञान परंपरा से कराया परिचय, प्राचार्य बोले— उच्च शिक्षा व्यक्तित्व निर्माण की मजबूत नींव

रिपोर्ट -मुकेश रावत
थत्यूड़ (टिहरी गढ़वाल)। राजकीय महाविद्यालय थत्यूड़ में बुधवार को नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए गुरु दीक्षा एवं अभिविन्यास (इंडक्शन) कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आदित्य कुमार मौर्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
प्राचार्य डॉ. मौर्य ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का महाविद्यालय परिवार में स्वागत करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों के विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने का सशक्त मंच है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। डॉ. शैलेंद्र कुमार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध नए अवसरों पर प्रकाश डाला। डॉ. अखिल गुप्ता ने अनुशासन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच को सफलता की कुंजी बताया।
डॉ. उर्वशी ने राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के माध्यम से सामाजिक सेवा और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की जानकारी दी। श्री दिनेश ममगाईं ने महाविद्यालय पुस्तकालय की सुविधाओं और अध्ययन संसाधनों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। वहीं डॉ. चंदा थपलियाल नौटियाल ने भारतीय ज्ञान परंपरा में गणित की समृद्ध विरासत और आधुनिक समय में उसकी उपयोगिता पर प्रेरक जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में डॉ. कुंवर सिंह, डॉ. कनुप्रिया, डॉ. अंचला नौटियाल, डॉ. शीला बिष्ट, डॉ. रवि चंद्र, डॉ. संगीता खड़वाल, डॉ. नीरज असवाल, डॉ. बिट्टू सिंह सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. भारती नौटियाल ने किया। अंत में विद्यार्थियों से अनुशासन, नैतिक मूल्यों और उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के साथ महाविद्यालय की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।



