मुख्यमंत्री धामी के संकल्प से 232 परिवारों का सपना हुआ साकार, धौलास योजना में मिला अपने घर का अधिकार
एमडीडीए की डिजिटल और पारदर्शी लॉटरी से ईडब्ल्यूएस परिवारों को फ्लैट आवंटित, दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों को मिली विशेष प्राथमिकता

देहरादून। वर्षों से अपने घर का सपना संजोए 232 आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के चेहरे गुरुवार को खुशी से खिल उठे। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने धौलास आवासीय योजना के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के चयनित लाभार्थियों को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से फ्लैट आवंटित किए।
आईएसबीटी स्थित सिटी जंक्शन मॉल में आयोजित कार्यक्रम में लाभार्थियों की मौजूदगी में कंप्यूटरीकृत लॉटरी के जरिए भवन संख्या आवंटित की गई। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रही, जिससे प्रत्येक लाभार्थी का भरोसा और मजबूत हुआ।
कार्यक्रम की सबसे संवेदनशील पहल तब देखने को मिली जब चार दिव्यांग और दो वरिष्ठ नागरिक लाभार्थियों को उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए भूतल पर फ्लैट आवंटित किए गए। इस निर्णय ने यह संदेश दिया कि विकास तभी सार्थक है जब उसमें मानवीय संवेदनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता मिले।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य हर पात्र परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री आवास योजना केवल मकान देने की योजना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य देने का अभियान है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी जनहित की ऐसी योजनाएं लगातार आगे बढ़ाई जाएंगी।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि सभी 232 लाभार्थियों को निर्धारित नियमों के तहत कंप्यूटरीकृत लॉटरी प्रणाली से फ्लैट आवंटित किए गए। वहीं उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक जीवन के लिए गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना है।
धौलास आवासीय योजना अब केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि उन सैकड़ों परिवारों के सपनों का नया पता बन चुकी है, जिन्हें अब अपना सुरक्षित और स्थायी आशियाना मिल गया है।



