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एक झटके में बर्बाद हुई फसल, थत्यूड़ में ओलावृष्टि से हाहाकार

अचानक आई भीषण ओलावृष्टि ने राजमा, गेहूं और बागवानी फसलों को किया पूरी तरह बर्बाद, मुआवजे की मांग तेज

रिपोर्ट –मुकेश रावत 

थत्यूड़ (टिहरी)। जौनपुर ब्लॉक मुख्यालय थत्यूड़ के अपर पालीगाड़ क्षेत्र में शनिवार शाम अचानक बदले मौसम ने भारी तबाही मचाई। तेज बारिश के साथ हुई भीषण ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। कई गांवों में खेत ओलों की मोटी परत से ढक गए, मानो बर्फ की चादर बिछ गई हो, जिससे फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है।

कुंवा गांव निवासी किसान रघुवीर नौटियाल के अनुसार, इस अप्रत्याशित ओलावृष्टि ने क्षेत्र की प्रमुख नगदी फसलों—राजमा, आलू, मटर, बींस, धनिया और प्याज—के साथ ही गेहूं व मसूर जैसी पारंपरिक फसलों को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। उन्होंने बताया कि सात से आठ खेतों में बोई गई राजमा की पूरी फसल ओलों की मार से नष्ट हो गई। रात करीब 8:44 बजे टॉर्च की रोशनी में बनाए गए वीडियो में खेतों में जमी ओलों की मोटी परत साफ दिखाई दे रही है।

स्थानीय काश्तकारों—वीरेंद्र नौटियाल, रत्नमणि गौड़, जगत राणा, वीर सिंह राणा, विमल नौटियाल, लोकेंद्र सिंह सजवाण और कृपाल सिंह रावत—ने बताया कि इस तरह की ओलावृष्टि उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। उनके अनुसार, खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह चौपट हो चुकी हैं, जिससे किसानों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

ओलावृष्टि का असर बागवानी पर भी पड़ा है। सेब, आड़ू, प्लम (पुलम), चुल्लू और खुमानी के पेड़ों पर आई फ्लावरिंग पूरी तरह झड़ गई है, जिससे आगामी उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका है।

प्रभावित गांवों में खेड़ा, पापरा, भूयासारी, टिक्क, किन्शु, बंगशील, मोलधार, तेवा, ओतड़, डिगोन और मुंगलोडी सहित दर्जनों गांव शामिल हैं, जहां कृषि व बागवानी को भारी नुकसान हुआ है।

इधर, पीड़ित किसानों ने शासन-प्रशासन से शीघ्र सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। किसानों का कहना है कि समय पर सहायता नहीं मिलने पर उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा।

इस संबंध में धनोल्टी तहसीलदार बिरम सिंह पवार ने बताया कि क्षेत्रीय राजस्व उप निरीक्षकों को प्रभावित गांवों में भेजकर नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। वहीं प्रभारी कृषि अधिकारी सुनील डोगरा ने कहा कि कृषि एवं बागवानी विभाग द्वारा संयुक्त सर्वे कराकर नुकसान का आकलन किया जाएगा, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जा सके।

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