मानसून से पहले अलर्ट मोड में टिहरी, 2 जुलाई को पांच संवेदनशील स्थानों पर होगी आपदा मॉक ड्रिल
सचिव आपदा प्रबंधन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से तैयारियों की समीक्षा, सभी विभागों को समन्वय के निर्देश।

नई टिहरी। मानसून के आगमन से पहले संभावित आपदाओं से निपटने के लिए टिहरी जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। राज्य सरकार के निर्देश पर 2 जुलाई को जिले के पांच संवेदनशील क्षेत्रों में व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इसकी तैयारियों को लेकर मंगलवार को सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में सचिव ने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में घटना प्रतिक्रिया प्रणाली (IRS) के तहत सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने बचाव एवं राहत दलों की समय पर तैनाती, त्वरित कार्रवाई और निर्धारित कमांड चेन के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही महिला मंगल दल, युवक मंगल दल और स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने बताया कि टिहरी जिले में मॉक ड्रिल के लिए घनसाली के जखन्याली गांव, देवप्रयाग के मूल्या गांव, नरेंद्रनगर के बगड़धार, कण्डीसौड़ के स्यांसू तथा टिहरी झील क्षेत्र का चयन किया गया है। सभी स्थानों पर नोडल अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है, जो पूरे अभियान का संचालन करेंगे।
उन्होंने बताया कि टिहरी झील का जलस्तर बढ़ने जैसी स्थिति में प्रभावित होने वाले अन्य जनपदों को समय पर सूचना उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
बैठक में अधीक्षण अभियंता के.एस. नेगी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट, अधिशासी अभियंता प्रशांत भारद्वाज, सहायक परिवहन अधिकारी बिराटिया, अधिशासी अभियंता जी.आर. नौटियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।



