टिहरी में नशे के खिलाफ प्रशासन सख्त, अवैध अफीम-भांग की खेती पर होगी कार्रवाई
एनसीओआरडी की बैठक में एडीएम ने दिए निर्देश, अगस्त में एनडीपीएस के सात मुकदमों में 11 आरोपित गिरफ्तार

टिहरी। जिले में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय एनसीओआरडी (नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर) की बैठक हुई। बैठक में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही जनजागरूकता अभियानों की समीक्षा की गई।
अपर जिलाधिकारी ने पुलिस, राजस्व और आबकारी विभाग को आपसी समन्वय के साथ अवैध शराब व मादक पदार्थों के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अवैध अफीम और भांग की खेती पर विशेष निगरानी रखने तथा ग्राम प्रधानों के सहयोग से स्थानीय स्तर पर टीमें गठित कर ऐसी खेती को नष्ट करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि अगस्त माह में एनडीपीएस अधिनियम के तहत सात अभियोग दर्ज किए गए, जिनमें 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान स्मैक, चरस और डोडा-पोस्त बरामद किया गया। वहीं, आबकारी अधिनियम के तहत भी 11 अभियोग दर्ज कर 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।
नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जिले में अगस्त माह में 46 जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें 2,351 छात्र-छात्राओं और 1,796 स्थानीय लोगों ने प्रतिभाग किया।
अपर जिलाधिकारी ने ड्रग इंस्पेक्टर को मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच और रैंडम छापेमारी करने के निर्देश दिए। बिना लाइसेंस संचालित मेडिकल स्टोर तथा प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने के साथ ही सभी मेडिकल स्टोरों में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
विद्यालयों में गठित एंटी ड्रग कमेटियों की स्थिति की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ मानस पोर्टल और ‘ड्रग फ्री कैंपस’ अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राम प्रकाश, सीओ महेश चंद लखेड़ा, ड्रग इंस्पेक्टर ऋषभ धामा, समाज कल्याण विभाग से मयंक थपलियाल समेत संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।



