84 दिन के अनशन से हिला दी थी टिहरी रियासत… अमर शहीद श्रीदेव सुमन को पूरे जिले ने दी अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि
नई टिहरी में स्मृति स्थल पर श्रद्धांजलि, गार्ड ऑफ ऑनर, वृक्षारोपण, मैराथन और जनजागरूकता कार्यक्रमों के बीच गूंजे 'अमर शहीद श्रीदेव सुमन अमर रहें' के नारे

नई टिहरी | टिहरी रियासत के अत्याचारों के खिलाफ लोकतंत्र और जनाधिकारों की लड़ाई लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीद श्रीदेव सुमन की पुण्यतिथि शनिवार को पूरे जनपद में श्रद्धा, सम्मान और देशभक्ति के माहौल में मनाई गई। जिला कारागार नई टिहरी स्थित श्रीदेव सुमन स्मृति स्थल पर आयोजित मुख्य समारोह में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने अमर शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों, छात्र-छात्राओं और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने पुष्पांजलि अर्पित कर महान क्रांतिकारी को नमन किया। स्मृति स्थल पर श्रीदेव सुमन की प्रतिमा के साथ उनकी ऐतिहासिक बेड़ियां भी प्रदर्शित की गईं, जिन्हें देखने के लिए लोगों में विशेष उत्साह रहा।
विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने मार्चपास्ट करते हुए “अमर शहीद श्रीदेव सुमन अमर रहें” के नारों से पूरे परिसर को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने कहा कि श्रीदेव सुमन का संघर्ष सत्य, न्याय और जनाधिकारों की रक्षा के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष मोहन सिंह रावत ने कहा कि उनके आदर्शों को जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम के दौरान जिला कारागार परिसर में वृक्षारोपण किया गया। स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया गया, जहां स्थानीय उत्पादों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित मैराथन प्रतियोगिता को मुख्य विकास अधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया। प्रतियोगिता के विभिन्न वर्गों में अंजली रतूड़ी, फैजल, मानसी और अनूप ने प्रथम स्थान हासिल किया।
उल्लेखनीय है कि अमर शहीद श्रीदेव सुमन ने टिहरी रियासत में लोकतांत्रिक अधिकारों की स्थापना के लिए 84 दिनों तक ऐतिहासिक आमरण अनशन किया था। 25 जुलाई 1944 को उन्होंने मातृभूमि और जनहित के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनके इसी सर्वोच्च बलिदान की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 25 जुलाई को पूरे उत्तराखंड में श्रीदेव सुमन स्मृति दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है।



