सकलाना के 12 विद्यालयों में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा, 500 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया भाग
किताबी ज्ञान के साथ संस्कार और संस्कृति से जोड़ने की पहल, शांतिकुंज हरिद्वार की ओर से आयोजित हुई परीक्षा

थत्यूड़/सकलाना। जौनपुर विकासखंड के सकलाना क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का आयोजन किया गया। अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार की ओर से आयोजित परीक्षा में क्षेत्र के 12 विद्यालयों के 500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
तहसील संयोजक महावीर सिंह धनौला ने बताया कि सकलाना क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में वर्ष 2012 से निरंतर भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से परिचित कराने के साथ उनके सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास में सहयोग करना है। उन्होंने कहा कि यह परीक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के संस्कार और जीवन मूल्यों की समझ को विकसित करने का माध्यम भी है।
उन्होंने बताया कि परीक्षा में तहसील स्तर पर चयनित विद्यार्थी आगे जिला और राज्य स्तर पर प्रतिभाग करते हैं। इससे विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी मिलता है।
शिक्षिका अनिता उनियाल ने बताया कि अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में यह परीक्षा आयोजित की जाती है। उनके अनुसार परीक्षा की शुरुआत वर्ष 1994 में हुई थी और वर्तमान में देश के करीब 22 राज्यों में 11 भाषाओं के माध्यम से इसका आयोजन किया जा रहा है। उनके विद्यालय में भी पिछले चार वर्षों से लगातार यह परीक्षा आयोजित की जा रही है।
इंद्रदेव वशिष्ठ ने कहा कि परीक्षा में कक्षा पांच से 12वीं तक के विद्यार्थी प्रतिभाग करते हैं। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों में शिक्षा के साथ संस्कार, चरित्र निर्माण, सांस्कृतिक चेतना और समग्र व्यक्तित्व विकास की भावना विकसित करने का प्रयास किया जाता है।
कार्यक्रम के आयोजन में रा.इ.का. मरोड़ा के प्रधानाचार्य बीआर शर्मा, रा.इ.का. पुजारगांव के प्रधानाचार्य दौकराम औतार, कमलेश सकलानी, सामाजिक कार्यकर्ता अनिल हटवाल, रोहित, आयुष धनौला, कुलदीप चौधरी, रावत मझगांव, बीपी सिंह सहित अन्य लोगों ने सहयोग किया।



