राहुल गांधी की टिप्पणी पर प्रीतम सिंह पंवार का पलटवार, बोले—राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर बरतनी चाहिए मर्यादा
धनोल्टी विधायक ने कहा—उत्तराखंड वीर सैनिकों की धरती, सुरक्षा तंत्र में योगदान देने वालों के सम्मान का रखा जाए ध्यान

धनोल्टी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मामले में धनोल्टी विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी और सुरक्षा तंत्र में योगदान देने वाले लोगों के सम्मान का विषय उठाया।
विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने अपने पक्ष में कहा कि उत्तराखंड वीर सैनिकों की धरती है। प्रदेश के वीर सपूतों ने देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपना जीवन तक न्योछावर किया है। ऐसे में राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर राजनीतिक बयान देते समय मर्यादा और जिम्मेदारी का ध्यान रखा जाना चाहिए।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर बहस हो, लेकिन भाषा की मर्यादा भी जरूरी
विधायक के अनुसार, लोकतंत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा, सैन्य अभियानों और सुरक्षा अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाना राजनीतिक विमर्श का हिस्सा है। हालांकि, ऐसे संवेदनशील विषयों पर चर्चा तथ्यों और जिम्मेदार भाषा के आधार पर होनी चाहिए।
उन्होंने अपने पक्ष में इस बात पर जोर दिया कि राजनीतिक दलों के बीच वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवाद की मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है।
सैनिकों के त्याग और बलिदान से जुड़ा है उत्तराखंड
उत्तराखंड की सैन्य परंपरा का उल्लेख करते हुए विधायक के पक्ष में कहा गया कि प्रदेश के युवाओं ने भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा सेवाओं में योगदान देकर देश का मान बढ़ाया है। यहां के अनेक परिवारों का सेना से गहरा जुड़ाव है। ऐसे में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर होने वाली राजनीतिक बहस सैनिक परिवारों और आम जनता की भावनाओं से भी जुड़ती है।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीतिक बयानबाजी फिर चर्चा में
अजीत डोभाल को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक मर्यादा का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस प्रकरण को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
विधायक प्रीतम सिंह पंवार के पक्ष के अनुसार, राजनीतिक दलों को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते समय देश की सुरक्षा व्यवस्था और उसमें योगदान देने वाले लोगों के प्रति सम्मान बनाए रखना चाहिए।



