श्रीमद्भागवत कथा पितरों के मोक्ष और मानव कल्याण का अमृत मार्ग : आचार्य डॉ. रविंद्र लेखवार
मूंगलोड़ी में कथा के दूसरे दिन धुंधकारी-गोकर्ण प्रसंग का हुआ भावपूर्ण वर्णन, कृष्ण भजनों पर झूमे श्रद्धालु

रिपोर्ट –मुकेश रावत
थत्यूड़ (टिहरी)। जौनपुर विकासखंड के ग्राम मूंगलोड़ी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास आचार्य डॉ. रविंद्र लेखवार ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पितरों की मोक्ष प्राप्ति और समस्त मानव कल्याण का दिव्य माध्यम है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा और भक्ति भाव से कथा श्रवण करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है तथा आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।
कथा के दौरान आचार्य डॉ. लेखवार ने धुंधकारी की दुर्गति तथा गोकर्ण के प्रेरणादायी प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत का श्रवण मनुष्य को पापों से मुक्ति दिलाकर सद्मार्ग की ओर अग्रसर करता है।
कथा के बीच प्रस्तुत किए गए सांवरे कृष्ण कन्हैया के मधुर भजनों ने श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। भजनों की धुन पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे और पूरा कथा पंडाल भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
इस अवसर पर कथा यजमान विजेंद्र सिंह भंडारी, जयेंद्र भंडारी, बलवंत भंडारी, प्रदीप भंडारी संदीप भंडारी, ग्राम प्रधान जगपाल सिंह पवार व ग्रामीणों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।



