केदारनाथ यात्रा पर बारिश का संकट, लेकिन प्रशासन की मुस्तैदी ने बचाई हजारों श्रद्धालुओं की राह
रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन, 30 मिनट में पैदल मार्ग बहाल; 6.94 लाख श्रद्धालु कर चुके बाबा केदार के दर्शन

रुद्रप्रयाग, 20 मई। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा के बीच मंगलवार रात हुई तेज बारिश ने प्रशासन की चुनौती बढ़ा दी। सोनप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग पर तीन स्थानों पर अचानक हुए भूस्खलन से यात्रा मार्ग बाधित हो गया, जिससे हजारों श्रद्धालु रास्ते में फंस गए। हालांकि जिला प्रशासन, NDRF, SDRF और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने संभावित बड़े हादसे को टाल दिया।
प्रशासन की सक्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सूचना मिलते ही राहत टीमें मौके पर पहुंच गईं और महज 30 मिनट के भीतर पैदल यात्रियों के लिए मार्ग खोल दिया गया। पूरी रात चले रेस्क्यू अभियान में श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।
बताया गया कि 19 मई तक करीब 6 लाख 94 हजार श्रद्धालु श्री केदारनाथ धाम में बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। इसी दौरान देर रात तेज बारिश के कारण पहाड़ी से भारी मलबा और पत्थर आने लगे, जिससे यात्रा मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लगातार घटनास्थल की निगरानी की और अधिकारियों से पल-पल की जानकारी लेते रहे। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु किया जाए।
प्रशासन की समन्वित कार्रवाई के चलते जेसीबी मशीनों से मलबा हटाकर मार्ग को दोबारा खोल दिया गया है। फिलहाल यात्रा सामान्य रूप से संचालित की जा रही है, जबकि संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।



