झाझरा में पांच बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला एमडीडीए का बुलडोजर, ध्वस्त की गई अनधिकृत प्लॉटिंग
सेक्टरवार टीमों की निगरानी में कार्रवाई तेज, एमडीडीए ने भूमि खरीदने से पहले स्वीकृत ले-आउट की जांच करने की अपील की

देहरादून, 15 सितंबर 2026। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत झाझरा क्षेत्र में करीब पांच बीघा भूमि पर की जा रही अनधिकृत प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान मौके पर स्वीकृत तलपट मानचित्र प्रस्तुत नहीं किया गया था, जिसके बाद प्राधिकरण ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए प्लॉटिंग को ध्वस्त किया।
एमडीडीए की ओर से अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सेक्टरवार टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों और प्लॉटिंग की लगातार निगरानी कर रही हैं। विकासनगर, सहसपुर, ऋषिकेश, रायपुर और डोईवाला समेत विभिन्न क्षेत्रों में अनधिकृत निर्माण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
झाझरा में पांच बीघा भूमि पर हो रही थी प्लॉटिंग
प्राधिकरण के अनुसार चरनपाल आदि के स्थल नन्दा एन्कलेव, सैनिक कॉलोनी, एलपी विलाश के सामने, झाझरा में करीब पांच बीघा भूमि पर डिमार्केशन कर प्लॉटिंग की जा रही थी। निरीक्षण के दौरान मौके पर स्वीकृत तलपट मानचित्र उपलब्ध नहीं कराया गया।
मामले में एमडीडीए स्तर से नियमानुसार वाद दायर किया गया। जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थल पर की जा रही समस्त अनधिकृत प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया गया।
सेक्टरवार टीमों से कार्रवाई में आई तेजी
एमडीडीए ने अवैध निर्माण और प्लॉटिंग की निगरानी के लिए सेक्टरवार टीमें सक्रिय की हैं। इन टीमों को बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राधिकरण का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल अवैध निर्माण को रोकना नहीं, बल्कि लोगों को भी जागरूक करना है। एमडीडीए ने आमजन से अपील की है कि भूमि खरीदने से पहले संबंधित भूखंड और ले-आउट की वैधानिक स्थिति की जांच जरूर करें।
नियमों के उल्लंघन पर नहीं होगी ढिलाई
एमडीडीए के अनुसार बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के प्लॉटिंग, अनधिकृत निर्माण और नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्राधिकरण का लक्ष्य देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में नियोजित और व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना है।
अनियोजित प्लॉटिंग के कारण भविष्य में सड़क, यातायात, पार्किंग, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। ऐसे में प्राधिकरण द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती बरतने की बात कही गई है।
क्या बोले एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। सेक्टरवार टीमों को सक्रिय किया गया है, ताकि निर्माण गतिविधियों की नियमित निगरानी हो सके और नियमों का उल्लंघन मिलने पर समयबद्ध कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि झाझरा में करीब पांच बीघा क्षेत्र में की जा रही अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उसे ध्वस्त किया गया है। ऐसी कार्रवाई आगे भी पूरी गंभीरता के साथ जारी रहेगी।
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने की अपील
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण के मामलों में प्राधिकरण लगातार कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि भूमि खरीदने से पहले भूखंड और ले-आउट की स्वीकृति की जानकारी जरूर प्राप्त करें, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।



