उत्तराखंड

मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना: 4812 लाभार्थियों को 2.87 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, जुलाई-अगस्त की राशि जारी

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि जारी की, कोविड काल में अभिभावक खोने वाले बच्चों को मिलती है हर माह 3000 रुपये की मदद

देहरादून। मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के हजारों बच्चों को बड़ी आर्थिक राहत दी है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने गुरुवार को अपने शासकीय आवास स्थित कैंप कार्यालय से योजना के लाभार्थियों के लिए जुलाई और अगस्त 2026 की कुल 2.87 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी की। यह धनराशि लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से PFMS के जरिए भेजी जाएगी।

 

मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के अंतर्गत कोविड-19 महामारी के दौरान अपने माता-पिता अथवा अभिभावकों को खोने वाले बेसहारा बच्चों को राज्य सरकार की ओर से हर माह 3000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना के तहत जून 2026 तक की सहायता राशि पहले ही जारी की जा चुकी है।

 

जुलाई में 4812 और अगस्त में 4779 लाभार्थी

 

विभागीय मंत्री के अनुसार जिला स्तरीय समितियों से अनुमोदित लाभार्थियों के लिए जुलाई और अगस्त 2026 की सहायता राशि जारी की गई है। जुलाई 2026 में 4812 लाभार्थियों के लिए 1 करोड़ 44 लाख 36 हजार रुपये, जबकि अगस्त 2026 में 4779 लाभार्थियों के लिए 1 करोड़ 43 लाख 37 हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई है।

 

इस प्रकार दोनों महीनों की कुल 2 करोड़ 87 लाख 73 हजार रुपये की सहायता राशि लाभार्थियों को उपलब्ध कराई गई है।

 

21 वर्ष की आयु पूरी करने पर 1513 बच्चे हुए योजना से बाहर

 

मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत जुलाई 2026 में 38 बच्चों और अगस्त 2026 में 33 बच्चों ने 21 वर्ष की आयु पूरी की। योजना शुरू होने से अब तक कुल 1513 बच्चे 21 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं।

 

इसके अलावा माता-पिता के पुनर्विवाह, लाभार्थी की मृत्यु और अन्य कारणों से 252 बच्चे योजना से बाहर हुए हैं। इस तरह योजना शुरू होने के बाद अब तक कुल 1765 बच्चे योजना के दायरे से बाहर हो चुके हैं।

 

शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए सरकार प्रतिबद्ध

 

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल कोविड महामारी से प्रभावित बच्चों को आर्थिक सहायता देना ही नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा, पालन-पोषण और बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना भी है। सरकार इन बच्चों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि उन्हें भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

 

इस अवसर पर सीपीओ अंजना गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!