सुरकंडा रोपवे में मॉक ड्रिल: तकनीकी खराबी के बाद फंसे पर्यटकों का सफल रेस्क्यू, NDRF-ITBP ने संभाला मोर्चा
तकनीकी कारणों से रोपवे में पर्यटकों के फंसे होने की सूचना मिलते ही सक्रिय हुआ रेस्क्यू सिस्टम, विभिन्न टीमों ने अलग-अलग तरीकों से पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला

टिहरी, 10 सितंबर 2026। सुरकंडा रोपवे कद्दूखाल में गुरुवार को आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की गई। मॉक ड्रिल के दौरान रोपवे में तकनीकी कारणों से पर्यटकों के फंसे होने की सूचना दी गई, जिसके बाद रेस्क्यू टीमों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए बचाव अभियान शुरू किया।
मॉक ड्रिल के तहत रोपवे की रेस्क्यू टीम ने सबसे पहले एक पर्यटक को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद दूसरे पर्यटक को एनडीआरएफ की टीम ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। तीसरे पर्यटक को सुरक्षित निकालने के लिए आईटीबीपी और एनडीआरएफ की टीम ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया।
मॉक ड्रिल के दौरान अंतिम पर्यटक मिथुन दास को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू के दौरान घबराहट के कारण उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी। मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्काल प्राथमिक उपचार दिया, जिसके बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थत्यूड़ ले जाया गया।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य रोपवे में किसी वास्तविक आपात स्थिति के दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, रेस्क्यू टीमों की तत्परता, चिकित्सा सहायता और राहत-बचाव व्यवस्था की तैयारियों को परखना था। अभ्यास के दौरान संबंधित टीमों ने आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई का प्रदर्शन किया।
मौके पर एसडीएम धनोल्टी अंशुल भट्ट, जिला पर्यटन अधिकारी एस.एस. राणा, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. दिविता और तहसीलदार मो. शादाब समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा बीडीओ जौनपुर, एआरटीओ टिहरी, होमगार्ड, राजस्व विभाग के कार्मिक तथा पीडब्ल्यूडी थत्यूड़ की टीम भी अपने-अपने स्तर से रेस्क्यू एवं राहत कार्यों में तैनात रही।



