महासू देवता के जागड़े में उमड़ा आस्था का सैलाब, रातभर गूंजे ढोल-नगाड़े
ललोटना, टिकरी, बिरोड़ और म्याणी में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया जागड़ा पर्व, देव डोलियों के साथ रांसो-तांदी नृत्य में झूमे ग्रामीणललोटना, टिकरी, बिरोड़ और म्याणी में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया जागड़ा पर्व, देव डोलियों के साथ रांसो-तांदी नृत्य में झूमे ग्रामीण

थत्यूड़। जौनपुर विकासखंड के विभिन्न गांवों में महासू देवता का जागड़ा पर्व श्रद्धा, आस्था और लोक संस्कृति के रंगों के बीच धूमधाम से मनाया गया। ललोटना, टिकरी, बिरोड़ और म्याणी गांव में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मंदिरों में दिनभर पूजा-अर्चना का दौर चलता रहा, जबकि रात में ढोल-नगाड़ों की थाप और लोकगीतों की गूंज के बीच श्रद्धालु भक्ति में सराबोर नजर आए।
ग्राम ललोटना और टिकरी में रविवार रात कालरात्रि का आयोजन किया गया। इस दौरान कई ग्रामीणों पर महासू देवता के पश्वा अवतरित हुए। ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच देव डोली को नचाया गया। महिला, पुरुष, युवा और बच्चों ने रांसो-तांदी नृत्य कर जौनपुरी लोक संस्कृति की मनमोहक छटा बिखेरी। सोमवार दोपहर भी देव डोली के साथ ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक रांसो-तांदी नृत्य किया और महासू देवता का आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक महावीर सिंह रांगड़, विजय सिंह गुसाईं, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य सरदार सिंह रावत, ग्राम प्रधान रिजमोहन सिंह रांगड़, जयपाल सिंह कैरवाण, दयाल सिंह रांगड़, जगमोहन रावत, पूर्व प्रधान राय सिंह पवार, बबीता पवार, आनंद सिंह रावत, सुरेश रांगड़ और लोकेंद्र सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
बिरोड़ में भजनों पर झूमे श्रद्धालु, मंत्री खजान दास ने भी किया नृत्य
पट्टी लालूर के ग्राम बिरोड़ में भी महासू देवता का जागड़ा पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और बकरा चढ़ाकर महासू देवता से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
रात करीब आठ बजे महासू देवता की देव पालकी के बिरोड़ पहुंचते ही माहौल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने देव पालकी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद तांदी गीतों पर ग्रामीणों ने जमकर रांसो-तांदी नृत्य किया। रातभर चले जागरण कार्यक्रम में हिमाचल के गायक कलाकार विक्की चौहान ने भजन और लोकगीत प्रस्तुत किए। उनके गीतों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे। इस दौरान कैबिनेट मंत्री खजान दास भी भजनों और गीतों पर ग्रामीणों के साथ नृत्य करते नजर आए।
म्याणी में देव पालकी पहुंचते ही अवतरित हुए महासू देवता के पश्वा
ग्राम म्याणी में भी महासू देवता का जागड़ा पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। महासू देवता की पालकी ढोल-नगाड़ों और नागदेव के साथ मंदिर से बाहर निकली। इस दौरान कई ग्रामीणों पर देवता के पश्वा अवतरित हुए। देर रात देव पालकी के म्याणी गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने श्रद्धा और भक्ति के साथ पालकी को नचाया।
दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने महासू देवता के दर्शन कर मन्नतें मांगीं। तांदी गीतों और रांसो-तांदी नृत्य ने पूरे आयोजन को लोक संस्कृति के रंग में रंग दिया। देर रात तक ढोल-नगाड़ों की गूंज और लोकगीतों पर ग्रामीणों के नृत्य से गांव का माहौल भक्तिमय बना रहा।



