डीएवी पीजी समेत छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी की जीत पर भाजपा ने दी बधाई, बोले- युवाओं ने विकास पर जताया भरोसा
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने एबीवीपी की जीत को युवाओं के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और विकास के प्रति विश्वास का परिणाम बताया

देहरादून, 29 सितंबर। उत्तराखंड के सबसे बड़े महाविद्यालय डीएवी पीजी कॉलेज समेत प्रदेशभर में छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को मिली जीत पर भाजपा ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि प्रदेश में एबीवीपी को करीब 85 प्रतिशत सीटों पर मिली जीत युवाओं के रुझान और उनके बीच राष्ट्रवादी विचारों तथा विकास के मुद्दों की स्वीकार्यता को दर्शाती है।
महेंद्र भट्ट ने डीएवी पीजी कॉलेज के एबीवीपी प्रत्याशी नवदीप राणा समेत प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों में निर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों और विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि डीएवी छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी की जीत यह संकेत देती है कि प्रदेश का युवा सकारात्मक परिवर्तन और विकास की सोच के साथ आगे बढ़ना चाहता है।
भट्ट ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव के परिणामों को युवाओं के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और विकास के प्रति विश्वास के रूप में देखा जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से युवाओं के लिए किए जा रहे कल्याणकारी प्रयासों, रोजगार के अवसरों और पारदर्शी व्यवस्थाओं को लेकर भी युवाओं ने अपनी स्वीकृति व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने और युवाओं के भविष्य को लेकर किए जा रहे प्रयासों का असर भी दिखाई दे रहा है। युवा वर्ग विकसित उत्तराखंड के निर्माण में अपनी भागीदारी चाहता है। युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए युवा आयोग के गठन जैसी योजनाएं भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रसंघ चुनाव के परिणाम नकारात्मक राजनीति को खारिज करने का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को उम्र और वर्ग के आधार पर बांटकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिशों को छात्र-युवाओं ने स्वीकार नहीं किया है।
महेंद्र भट्ट ने प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में नवनिर्वाचित छात्रसंघ पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि नए निर्वाचित प्रतिनिधि छात्रहितों के साथ-साथ अपने-अपने संस्थानों के गौरव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए काम करेंगे।



