थत्यूड़ में कूड़ा प्रबंधन पर कार्यशाला, गीले-सूखे कचरे के अलग निस्तारण पर जोर
जिला पंचायत और वेस्ट वॉरियर्स सोसाइटी ने प्रधानों, व्यापारियों व जनप्रतिनिधियों को किया जागरूक; नैनबाग में कूड़ा प्रबंधन की समस्या पर भी हुई चर्चा

रिपोर्ट–मुकेश रावत
थत्यूड़। स्वच्छ भारत मिशन एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर जिला पंचायत टिहरी के तत्वावधान में शनिवार को ब्लॉक सभागार थत्यूड़ में प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। ब्लॉक प्रमुख सीता पवार की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और ग्रामीण प्रतिनिधियों को कूड़े के उचित प्रबंधन, गीले एवं सूखे कचरे के पृथक्करण तथा वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण की जानकारी दी गई।
कार्यशाला में वेस्ट वॉरियर्स सोसाइटी के नीरज भाटिया, मोहम्मद इमरान और मोहित जरदारी तथा जिला पंचायत के जेई आशीष उनियाल ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े नियमों और व्यवस्थाओं की जानकारी दी। इस दौरान प्रतिभागियों ने कूड़ा प्रबंधन को लेकर अपनी समस्याएं और सवाल भी रखे।
वेस्ट वॉरियर्स सोसाइटी के नीरज भाटिया ने कहा कि जिला पंचायत के सहयोग से आयोजित प्रशिक्षण में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े नए नियमों और व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। व्यापार मंडल, ग्राम प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधियों ने कूड़े को अलग-अलग करने और उसके निस्तारण से जुड़ी व्यावहारिक समस्याएं सामने रखीं, जिन पर विस्तार से चर्चा की गई।
गीला-सूखा कूड़ा अलग नहीं करने से बढ़ रही समस्या
जिला पंचायत के जेई आशीष उनियाल ने कहा कि जागरूकता के अभाव में कई स्थानों पर लोग गीले और सूखे कूड़े को अलग-अलग नहीं कर रहे हैं। दोनों प्रकार के कचरे को एक साथ फेंकने से निस्तारण में परेशानी के साथ ही गंदगी बढ़ती है। उन्होंने कहा कि नदी-नालों और खुले स्थानों पर कूड़ा फेंकने से पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि कूड़े को निर्धारित व्यवस्था तक पहुंचाने में प्रशासन और सरकार का सहयोग करें तथा घर से ही गीले और सूखे कचरे को अलग रखने की आदत विकसित करें।
नैनबाग में कूड़ा प्रबंधन बड़ी चुनौती
खंड विकास अधिकारी अर्जुन सिंह रावत ने कहा कि स्वच्छता मिशन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जौनपुर विकासखंड के लिए महत्वपूर्ण विषय है। थत्यूड़ और नैनबाग जैसे प्रमुख बाजार क्षेत्रों में कूड़ा प्रबंधन को लेकर अलग-अलग चुनौतियां हैं। उन्होंने बताया कि थत्यूड़ में कूड़ा उठाने के लिए वाहन संचालित है, जबकि नैनबाग में कूड़ा प्रबंधन की समस्या अधिक गंभीर है।
उन्होंने कहा कि कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों ने कूड़ा प्रबंधन को लेकर सवाल पूछे और सुझाव भी दिए। थत्यूड़ में संचालित कूड़ा वाहन अपने निर्धारित रूट पर चल रहा है। क्षेत्र की आवश्यकता को देखते हुए वाहन के फेरे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक क्षेत्रों से नियमित रूप से कूड़ा एकत्र किया जा सके।
जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील
कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि केवल सरकारी व्यवस्था से ही कूड़ा प्रबंधन की समस्या का समाधान संभव नहीं है। इसके लिए आम लोगों, व्यापारियों, ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी जरूरी है। घर और दुकानों से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग रखना और उसे निर्धारित स्थान पर देना स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य, व्यापार मंडल अध्यक्ष एवं महामंत्री, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।



